बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar की ‘समृद्धि यात्रा’ का आज से पांचवां चरण शुरू हो गया है, और इस चरण को विकास के नए संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। सोमवार सुबह मुख्यमंत्री का पहला पड़ाव जहानाबाद रहा, जहां उन्होंने करीब 300 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसके बाद उनका कार्यक्रम अरवल जाने का है, जबकि इस पूरे चरण का समापन 26 मार्च को पटना में होगा।
सुबह लगभग 10 बजे मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से जहानाबाद के पुलिस लाइन मैदान पहुंचे, जहां प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। उनके दौरे को लेकर सुरक्षा, यातायात और प्रोटोकॉल के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरे कार्यक्रम का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
अपने दौरे की शुरुआत मुख्यमंत्री ने पुराने प्रखंड कार्यालय परिसर में बने नवनिर्मित सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन से की। इस केंद्र का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे कौशल विकास के जरिए रोजगार के अवसर हासिल कर सकें। यह पहल स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इसके बाद मुख्यमंत्री धराउत पहुंचे, जहां उन्होंने 46 करोड़ रुपये की लागत से बने अंबेडकर आवासीय बालिका विद्यालय का उद्घाटन किया। यह विद्यालय खास तौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं के लिए बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगा।
इसके अलावा नगर परिषद क्षेत्र में 56 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सड़क और नाला निर्माण कार्यों का भी उद्घाटन किया गया। इन परियोजनाओं से शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
उद्घाटन कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री गांधी मैदान, जहानाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और आगे के कार्यों को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। यह दौरा विकास और जनकल्याण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।