बिहार बजट सत्र शुरू होने से पहले आज नीतीश कैबिनेट की महत्वपूर्णी बैठक हुई। जिसमें 32 एजेंडों को स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय बिहार के छात्रों को मिलनेवाले छात्रवृत्ति को लेकर लिया गया है।
बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्र-छात्राओं के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि में ऐतिहासिक वृद्धि करने का निर्णय लिया है । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025–26 से इस योजना को प्रभावी बनाने और छात्रवृत्ति की दरों को दोगुना करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है ।
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025–26 से प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की राशि बढ़ाने का फैसला किया है।अब कक्षा 1 से 4 तक के छात्रों को ₹1200 सालाना, कक्षा 5 से 6 तक ₹2400, कक्षा 7 से 10 तक ₹3600 और कक्षा 1 से 10 तक के छात्रावासी छात्रों को ₹6000 सालाना छात्रवृत्ति मिलेगी।पहले यह राशि साल 2011 में तय की गई थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। यह छात्रवृत्ति सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों को दी जाएगी। इस योजना से करीब 27 लाख छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। इस पर सरकार करीब 519.64 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
डुमरांव में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ के नाम पर संगीत महाविद्यालय खोला जाएगा। पहले इस योजना के लिए 14.52 करोड़ रुपये की स्वीकृति थी, जिसे रद्द कर दिया गया है। अब राज्य योजना के तहत कॉलेज के भवन, फर्नीचर, अंदर की सड़क और चारदीवारी के निर्माण के लिए 87.81 करोड़ रुपये की नई प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इस महाविद्यालय के शुरू होने से राज्य के विद्यार्थियों को संगीत की अलग-अलग विधाओं की पढ़ाई का अवसर मिलेगा।