दशरथ मांझी मेमोरियल पहुंचे निशांत, उनके बेटे के छुए पैर

गया की ऐतिहासिक धरती एक भावुक और प्रेरणादायक पल की साक्षी बनी, जब निशांत जी दशरथ मांझी मेमोरियल पहुँचे।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 14, 2026, 5:34:00 PM

गया की ऐतिहासिक धरती एक भावुक और प्रेरणादायक पल की साक्षी बनी, जब निशांत जी दशरथ मांझी मेमोरियल पहुँचे। यहाँ उन्होंने ‘माउंटेन मैन’ के नाम से विख्यात दशरथ मांझी जी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी।

श्रद्धांजलि अर्पित करते समय वातावरण श्रद्धा और सम्मान से भर गया। निशांत ने मांझी जी के पुत्र से आशीर्वाद लिया और परिवार के अन्य सदस्यों से आत्मीय मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी जी का जीवन केवल संघर्ष की कहानी नहीं, बल्कि अटूट प्रेम, समर्पण और अदम्य साहस का जीवंत उदाहरण है।

इसके बाद निशांत जी उस ऐतिहासिक पहाड़ पर भी पहुँचे, जिसे दशरथ मांझी जी ने 22 वर्षों की कठिन तपस्या से अपने हाथों से काटकर रास्ते में बदल दिया था। पथरीली चट्टानों के बीच खड़े होकर उन्होंने पूरे क्षेत्र का अवलोकन किया और उस अद्भुत संकल्प को नमन किया, जिसने असंभव को संभव कर दिखाया।

निशांत ने कहा कि अपनी स्वर्गीय पत्नी के प्रति प्रेम और गाँव के लोगों की सुविधा के लिए मांझी जी ने जो कर दिखाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका संघर्ष हमें यह सिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सच्चे संकल्प के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

यह यात्रा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि उस महान आत्मा के प्रति कृतज्ञता और सम्मान प्रकट करने का एक भावपूर्ण क्षण था, जिन्होंने अपने साहस से इतिहास रच दिया।