नीट छात्रा के कथित रेप और संदिग्ध मौत मामले में गठित विशेष जांच टीम यानी एसआईटी की जांच अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी है। मामले की हर कड़ी को बारीकी से खंगालने के लिए एसआईटी लगातार अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही है। इसी क्रम में जांच टीम ने प्रभात मेमोरियल हीरामती हॉस्पिटल के संचालक डॉ. सतीश को पूछताछ के लिए तलब किया।
डॉ. सतीश से पटना स्थित एएसपी सदर कार्यालय में कई घंटों तक गहन पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने पूछताछ के दौरान छात्रा के इलाज से जुड़े तमाम पहलुओं पर सवाल किए। छात्रा को अस्पताल में किस हालत में लाया गया, इलाज के दौरान कौन-कौन सी मेडिकल प्रक्रियाएं अपनाई गईं, मेडिकल रिपोर्ट कैसे और किस आधार पर तैयार की गई—इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से पूछताछ हुई।
इसके अलावा एसआईटी ने घटनाक्रम के समय की टाइमलाइन को लेकर भी सवाल किए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इलाज और रिपोर्टिंग में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई। लंबी पूछताछ के बाद डॉ. सतीश को घर जाने की अनुमति दे दी गई, हालांकि एसआईटी ने साफ कर दिया है कि जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
इतना ही नहीं, एसआईटी की टीम ने अस्पताल से जुड़े अन्य कर्मचारियों से भी अलग-अलग पूछताछ की है। नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन और अन्य कर्मियों से छात्रा के अस्पताल पहुंचने से लेकर इलाज और रिपोर्टिंग की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली गई। जांच टीम अब सभी बयानों का आपस में मिलान कर रही है, ताकि किसी भी तरह के विरोधाभास या गड़बड़ी का पता लगाया जा सके।
एसआईटी का फोकस इस बात पर है कि कहीं मेडिकल प्रक्रिया या रिपोर्ट तैयार करने में कोई लापरवाही या साजिश तो नहीं हुई। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।