NEET छात्रा मौत केस: CBI ने SIT अफसरों से की लंबी पूछताछ, कैसे जांच की, क्या सबूत मिले सबकुछ जाना

नीट छात्रा की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। इस हाई-प्रोफाइल केस में सीबीआई ने अब पहले से जांच कर रही एसआईटी टीम से गहन पूछताछ की है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 25, 2026, 8:43:00 AM

नीट छात्रा की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। इस हाई-प्रोफाइल केस में सीबीआई ने अब पहले से जांच कर रही एसआईटी टीम से गहन पूछताछ की है। सीबीआई कार्यालय में केस की तत्कालीन आईओ रहीं सचिवालय एसडीपीओ, कदमकुआं थानेदार और अन्य संबंधित पुलिस अधिकारियों से कई घंटे तक सवाल-जवाब हुए। चार अलग-अलग टीमों ने विस्तार से यह जानने की कोशिश की कि एसआईटी ने जांच किस आधार पर आगे बढ़ाई, किन-किन लोगों से पूछताछ की गई, कौन से सबूत जुटाए गए और अब तक जांच का निष्कर्ष क्या निकला।

सीबीआई ने यह भी पूछा कि आखिर किन कारणों से परिजन एसआईटी की जांच से संतुष्ट नहीं थे। एसआईटी अधिकारियों ने सभी सवालों के जवाब देने के साथ जुटाए गए साक्ष्य भी सीबीआई को सौंप दिए। हालांकि, केस टेकओवर करने के बाद ही एसआईटी पहले चरण में सारे दस्तावेज और सबूत सीबीआई को दे चुकी थी। अब सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई अपनी जांच में सामने आए तथ्यों का एसआईटी की जांच से मिलान कर रही है, ताकि किसी भी तरह की विसंगति को स्पष्ट किया जा सके।

गौरतलब है कि छात्रा 6 जनवरी को हॉस्टल में बेसुध हालत में मिली थी। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने शुरू से ही हत्या और दुष्कर्म की आशंका जताई थी। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी, जिससे मामला और गंभीर हो गया।

मामले ने जब राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ा तो बिहार सरकार ने 31 जनवरी को जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की। इसके बाद 12 फरवरी को सीबीआई ने आधिकारिक रूप से केस अपने हाथ में ले लिया।

इधर, छात्रा के घर पर फेंके गए धमकी भरे पत्र को लेकर भी जांच जारी है। एफएसएल टीम ने पत्र की लिखावट का विश्लेषण किया है और कई लोगों के हैंडराइटिंग सैंपल लिए हैं। सूत्रों के अनुसार, दोनों धमकी भरे पत्र एक ही व्यक्ति द्वारा लिखे गए हैं।