पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या की घटना के खिलाफ राजधानी पटना में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। आज पटना विश्वविद्यालय की छात्राएं सड़कों पर उतर आईं। छात्राओं ने मगध महिला कॉलेज से लेकर कारगिल चौक तक ‘बेटी बचाओ न्याय मार्च’ निकाला और दोषियों की गिरफ्तारी व कड़ी सजा की मांग की।
कारगिल चौक पहुंचकर छात्राओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन स्थल के बाहर सड़क पर “Smash Patriarchy, Justice for NEET Girl” लिखा गया, जो छात्राओं के गुस्से और पीड़ा को साफ तौर पर दर्शाता है। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने कहा कि जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलेगा, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
वहीं, इस मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई भी तेज हो गई है। पुलिस के अनुसार, मृत छात्रा के मोबाइल फोन का डेटा रिकवर कर लिया गया है। SIT अब तीन संदिग्धों पर खास नजर बनाए हुए है। सूत्रों की मानें तो आज शुक्रवार शाम तक DNA सैंपल की रिपोर्ट आने की संभावना है।
वरीय अधिकारी विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले इस मामले का खुलासा करना चाहते हैं। इसी कारण जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। मृतिका के मोबाइल डेटा का गहन विश्लेषण किया जा रहा है, जिसमें सोशल मीडिया ऐप स्नैपचैट से भी अहम साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है।
अब तक जांच एजेंसियां कुल 25 लोगों के DNA सैंपल ले चुकी हैं। इनमें शंभू गर्ल्स हॉस्टल आने-जाने वाले युवक, हॉस्टल से जुड़े कर्मचारी, छात्रा को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वाले लोग, परिजन और करीबी शामिल हैं। इस मामले में हॉस्टल संचालक के बेटे का भी DNA सैंपल लिया गया है।
FSL की जांच में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने के बाद DNA मिलान जांच का सबसे अहम आधार बन गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि अगर एक भी DNA प्रोफाइल मैच होती है, तो पूरे मामले की तस्वीर साफ हो जाएगी और आरोपी कानून के शिकंजे में होगा।
फिलहाल, पूरे बिहार की नजर इस केस पर टिकी हुई है और सभी को न्याय की उम्मीद है।