पटना नीट स्टूडेंट मौत मामले में सरगर्मी बढ़ती जा रही है. मामले की जांच के लिए SIT टीम का गठन किया गया. हॉस्टल के कमरे से लेकर वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तक की बारीकी से जांच की जा रही है. विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर निशाना साध रही है. वही अब रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा. साथ ही, उन्होंने सरकार से कई सवाल भी पूछे हैं.
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा- 'पूछता है बिहार, कब होंगे आरोपी गिरफ़्तार? सवालों पर गौर फरमाए बिहार सरकार- रोहिणी आचार्य का पहला सवाल, पटना हॉस्टल रेप कांड के मामले में ना तो अभी तक हॉस्टल संचालक अग्रवाल दंपत्ति की गिरफ़्तारी हुई , ना ही अग्रवाल दंपत्ति के आरोपी पुत्र की गिरफ़्तारी हुई है ??
रोहिणी आचार्य का दूसरा सवाल- ना ही साक्ष्यों के साथ आपराधिक छेड़ - छाड़ करने, साक्ष्यों को मिटाने वाले प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टर सतीश की गिरफ़्तारी हुई है , ना ही अब तक प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल सील किया गया है ?? तीसरा सवाल- जांच चल रही है या लीपा - पोती या फिर रसूखदार आरोपियों को बचाने की कवायद जारी है ??
अंत में बड़ा सवाल : अपने बिहार में जहां आज मां - बहन - बेटियों का हो रखा जीना मुहाल , कहीं ऐसा तो नहीं कि वहां बलात्कार और हत्या के आरोपियों को साक्ष्यों - सबूतों को मिटाने, मामले को मैनेज करने के लिए समय दिए जाने की सुविधा की जा रही बहाल ?
बता दें कि रोहिणी आचार्य ने इस मामले में पहले भी पोस्ट किया था. उन्होंने लिखा था, 'पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में बलात्कार की शिकार हुई युवती के इलाज के दौरान पटना के प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल व वहां के डॉक्टरों के द्वारा युवती के शरीर पर मौजूद दर्जनों जख्मों के निशानों को जान - बूझ कर अनदेखा करना , उन्हें छुपाने - दबाने की हरसंभव कोशिश करना , मामले के बारे में बिना पुलिस - प्रशासन को इत्तला किए युवती को हॉस्पिटल में भर्ती कर इलाज करना , परिजनों को सच्चाई से अवगत नहीं कराना , साक्ष्यों के साथ आपराधिक छेड़ - छाड़ करना और युवती के साथ हुए बलात्कार की बात को नकारना - झुठलाना प्रथदृष्टया ही संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है
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