NEET छात्रा की मौत पर सदन में हंगामा, स्पीकर प्रेम कुमार ने दिया सरकार की कार्रवाई का हवाला

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही जारी रही। प्रश्नोत्तरकाल समाप्त होने के बाद कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दा सदन में उठाया गया।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 03, 2026, 1:37:00 PM

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही जारी रही। प्रश्नोत्तरकाल समाप्त होने के बाद कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दा सदन में उठाया गया। यह प्रस्ताव काराकाट से सीपीआई विधायक अरुण सिंह की ओर से लाया गया था। हालांकि स्पीकर प्रेम कुमार ने इस कार्यस्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, लेकिन मानवीय और सार्वजनिक महत्व को देखते हुए इसे सदन में पढ़ने की अनुमति दे दी।

विधायक अरुण सिंह ने सदन को बताया कि जहानाबाद और औरंगाबाद की दो छात्राएं पटना में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान हॉस्टल में उनके साथ बलात्कार और हत्या जैसी जघन्य घटना हुई, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की गंभीर विफलता को उजागर करती है।

अरुण सिंह ने आरोप लगाया कि शुरू से ही पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है। पुलिस पर न केवल घटना से इनकार करने बल्कि दोषियों को बचाने के भी गंभीर आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि जन आंदोलन और व्यापक दबाव के बाद सरकार को सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी पड़ी, लेकिन सिर्फ सीबीआई जांच से न्याय की विश्वसनीयता सुनिश्चित नहीं हो सकती।

उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी सीटिंग जज की निगरानी में कराई जाए और न्याय के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।

इस पर स्पीकर प्रेम कुमार ने कहा कि सरकार ने मामले का संज्ञान लिया है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। विपक्षी विधायकों ने इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की, लेकिन स्पीकर ने स्पष्ट किया कि कार्यस्थगन प्रस्ताव अमान्य किया जा चुका है, हालांकि इसे पढ़ने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि मामला सरकार के संज्ञान में है और कार्रवाई जारी है।