मुकेश रोशन का बड़ा आरोप: PHED मंत्री के खिलाफ छत्तीसगढ़ कोर्ट का वारंट, फिर भी ले रहे सरकारी सुविधाएं

मुकेश रोशन ने बिहार सरकार के PHED मंत्री संजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मुकेश रोशन का कहना है कि मंत्री संजय सिंह के खिलाफ छत्तीसगढ़ के एक न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Mar 22, 2026, 4:52:00 PM

बिहार की सियासत में इस वक्त एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां पूर्व विधायक मुकेश रोशन ने राज्य सरकार के PHED मंत्री संजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुकेश रोशन ने दावा किया कि संजय सिंह के खिलाफ छत्तीसगढ़ के एक न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, इसके बावजूद वे मंत्री पद पर बने हुए हैं और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने इसे संविधान और न्याय व्यवस्था का खुला उल्लंघन बताया।

मुकेश रोशन ने कहा कि संजय सिंह महुआ विधानसभा क्षेत्र से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के टिकट पर पहली बार विधायक बने और बाद में उन्हें बिहार सरकार में PHED मंत्री बनाया गया। लेकिन उनके अनुसार, मंत्री बनने के बाद से ही कई विवाद सामने आए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच अब तक नहीं हो पाई है।

पूर्व विधायक ने पटना के राजीव नगर इलाके में जमीन कब्जाने का भी गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि मंत्री ने फर्जी तरीके से जमीन पर कब्जा किया है। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य के DGP से भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

इसके अलावा, हाजीपुर और महुआ में बढ़ते शराब तस्करी के मामलों को लेकर भी मंत्री और सत्ताधारी तंत्र पर संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है। मुकेश रोशन का दावा है कि 50 हजार रुपए के इनामी एक तस्कर को भी मंत्री का समर्थन प्राप्त है, जो कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री ने 11 लाख रुपये लेने के बावजूद एक फ्लैट नहीं दिया और इस मामले को चुनावी हलफनामे में सही तरीके से उजागर नहीं किया गया। इसके साथ ही उनकी शैक्षणिक योग्यता और पहचान को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि मंत्री ने अलग-अलग जन्म तिथियों और नाम का इस्तेमाल किया और नामांकन के दौरान दिए गए एफिडेविट में गलत जानकारी दी।

मुकेश रोशन ने पिछले तीन महीनों में PHED विभाग द्वारा जारी निविदाओं की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की आशंका है, जिसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।

अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उनके मुताबिक, कानून और संविधान की रक्षा के लिए यह कदम जरूरी है।