पहले दिन इंटर की परीक्षा छूट गई? टेंशन खत्म—बिहार बोर्ड देने जा रहा है बड़ा मौका

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 राज्यभर में सोमवार से शुरू हो गई। पहले दिन कई छात्रों को परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने के कारण परीक्षा में शामिल नहीं होने का सामना करना पड़ा।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 03, 2026, 11:11:00 AM

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 राज्यभर में सोमवार से शुरू हो गई। पहले दिन कई छात्रों को परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने के कारण परीक्षा में शामिल नहीं होने का सामना करना पड़ा। बोर्ड ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सभी छात्रों को परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले पहुँचना अनिवार्य है और निर्धारित समय के बाद आने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं मिलेगा।

राज्य के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने के समय गेट बंद कर दिए गए थे। इसके बावजूद कई छात्र आखिरी समय तक पहुँचने का प्रयास कर रहे थे, जिससे कुछ केंद्रों पर हंगामे की स्थिति बन गई। कुछ छात्रों ने गेट पर खड़े होने के बजाय दीवार फांदकर अंदर जाने की कोशिश की, जिसमें कुछ छात्र घायल भी हुए। हालांकि, किसी की जान को खतरा नहीं हुआ।

बोर्ड ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन छात्रों की परीक्षा किसी भी कारण से छूट गई है या जिन्हें परीक्षा के दौरान निष्कासित किया गया है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। बोर्ड के अनुसार, ऐसे सभी छात्र अप्रैल महीने में आयोजित विशेष परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। विशेष परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों का परिणाम मई महीने में जारी किया जाएगा। इस प्रकार, जिन छात्रों ने परीक्षा छूट जाने के कारण भाग नहीं लिया, उन्हें अपनी बाकी की परीक्षाओं के लिए तय समय पर केंद्र पर पहुँचना सुनिश्चित करना होगा।

बिहार बोर्ड की इंटर परीक्षा 2026 की यह प्रक्रिया छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उनके आगे की पढ़ाई और करियर के लिए अहम मानी जाती है। बोर्ड ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर आने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज और पहचान पत्र साथ रखें और परीक्षा नियमों का पालन करें।

अप्रैल में आयोजित होने वाली विशेष परीक्षा उन छात्रों के लिए मौका होगी, जिन्हें किसी कारण से परीक्षा में शामिल होने का अवसर नहीं मिला। इस तरह, बोर्ड यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी छात्र अपनी परीक्षा का मौका न खोए और सभी को समान अवसर मिल सके।