मधेपुरा सदर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, कारू टोला साहुगढ़ में मिड-डे मील खाने के बाद 70 से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत होने लगी, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मिड-डे मील में छिपकली था. बताया गया कि स्कूल में भोजन एक एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है. बच्चों की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें एंबुलेंस एवं निजी वाहनों की मदद से तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.
अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश बच्चे खतरे से बाहर हैं, हालांकि एक बच्ची की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिसका इलाज गहन निगरानी में किया जा रहा है. घटना की सूचना मिलते ही संजय कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सदर अस्पताल पहुंचे और बच्चों के इलाज की जानकारी ली.
उन्होंने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है. जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. बच्चों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी. पीड़ित बच्चों के परिजन संतोष यादव ने बताया कि मेरा बच्चा मिड-डे मील खाने के बाद बीमार हो गया. खाने में छिपकली होने की बात सामने आई है, इसलिए इलाज के लिए अस्पताल लाया हूं.
वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रिंस कुमार ने कहा कि सभी बच्चे अब खतरे से बाहर हैं. मिड-डे मील खाने के बाद उनकी तबीयत खराब हुई थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से स्थिति नियंत्रण में है.
फिलहाल, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है. साथ ही मिड-डे मील की आपूर्ति करने वाले एनजीओ की भूमिका और भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं.