मंत्री श्रेयसी सिंह के विभाग में हुआ बड़ा खेल, भाजपा विधायक के सवालों से घिरीं खेल मंत्री, जानिए क्या था मामला

बिहार विधानसभा के बजट सत्र का दिन काफी गर्मागर्म रहा. खेल मंत्री श्रेयसी सिंह कुर्सी पर बैठी थीं और प्रश्नकाल चल रहा था.

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 10, 2026, 12:56:00 PM

बिहार विधानसभा के बजट सत्र का दिन काफी गर्मागर्म रहा. खेल मंत्री श्रेयसी सिंह कुर्सी पर बैठी थीं और प्रश्नकाल चल रहा था.

तभी बैकुंठपुर से भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी खड़े हुए और बोले, “मंत्री जी, पटना में कबड्डी विश्व कप आयोजित करने और उसके रद्द होने पर सवाल है.

आपने खुद ऑनलाइन जवाब में कहा था कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए महिला कबड्डी वर्ल्ड कप रद्द किया गया.

लेकिन यह क्यों नहीं बताया कि केस 21 जनवरी 2025 को दाखिल हुआ, 31 जनवरी को सुनवाई हुई और अगली 17 फरवरी 2026 को है. 4 फरवरी 2025 को कोर्ट ने इंटरपोल और सीबीआई को जांच का आदेश दिया."

श्रेयसी सिंह ने शांत स्वर में जवाब दिया, “कबड्डी महासंघ पर गंभीर आरोप हैं. मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. इसी वजह से हमने बिहार में विश्व कप रद्द कर दिया. फेडरेशन पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं और कोर्ट ने स्टे ऑर्डर पास किया है. सरकार किसी ऐसे फेडरेशन से नाम नहीं जोड़ना चाहती."

मिथिलेश तिवारी ने तुरंत काटा, “मंत्री जी, जब सरकार को सब पता था, सॉलिसिटर जनरल जवाब दे रहे थे तो 4 फरवरी 2025 को 8 करोड़ से ज्यादा की राशि का करार क्यों किया गया. कैबिनेट की रिपोर्ट मेरे पास है, लगता है कैबिनेट को गुमराह किया गया. विभाग ने हल्के में लिया और एजेंडा नंबर 47 के तहत पास करवा दिया. 12 अप्रैल को एमओयू साइन हुआ, फिर स्थगित किया. ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई होगी क्या."

श्रेयसी सिंह ने कहा, "4 फरवरी को ही कैबिनेट था और उसी दिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया. तुरंत एमओयू हटाना संभव नहीं था. मामला पहले से लंबित था और आरोप गंभीर थे. कोई राज्य ऐसे फेडरेशन को अनुमति नहीं देता. एमओयू साइन करने के बाद कैंसल का निर्णय लिया गया."

मिथिलेश तिवारी ने मंत्री को घेरते हुए कहा, “मंत्री जी जवाब घुमा रही हैं. मेरा सीधा सवाल है - 31 जनवरी को केस रजिस्टर्ड हुआ, 4 फरवरी को आदेश आया, फिर कैबिनेट ने कैसे पास किया. एमओयू साइन कर लिया, बाद में स्थगित किया. जब सॉलिसिटर जनरल उपलब्ध थे, तो मामला कैबिनेट में क्यों लाया गया और दो महीने बाद अप्रैल में एमओयू कैसे साइन हुआ. अधिकारियों की लापरवाही है, कार्रवाई कब होगी.

मामला और आगे बढ़ता इससे पहले स्पीकर ने बीच में बोलकर कहा, “मंत्री जी, जांच करवा लीजिए.” इससे सदन में थोड़ी शांति हुई लेकिन बहस ने खेल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए.

स्पीकर के सुझाव पर मंत्री ने जांच का वादा किया. सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है और 17 फरवरी 2026 को सुनवाई है. विधायक ने कहा वे इस पर नजर रखेंगे. जानाकारों की नजर में यह बहस भाजपा के अंदरूनी खींचतान को दिखाती है.

दरअसल, मामला यह है कि बिहार में आयोजित होने वाला महिला कबड्डी विश्वकप अचानक रद्द कर दिया गया था, जिसकी वजह खेल मंत्री ने यह बताई कि कबड्डी महासंघ पर गंभीर आरोप लगे हैं और मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. इसी जवाब को लेकर भाजपा विधायक ने आज राजनैतिक और तकनीकी दोनों कोणों से जांच की मांग उठाई और खेल मंत्री को खुलकर जवाब देने के लिए कहा.