बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी तल्खी लगातार बढ़ती दिख रही है। हाल ही में जदयू कोटे से मंत्री अशोक चौधरी और राष्ट्रीय जनता दल के नेता सुनील सिंह के बीच हुई तीखी नोंकझोंक अब नए आरोपों के साथ और भी गरमा गई है।
राजद के विधान पार्षद सुनील सिंह ने मीडिया से बातचीत में अशोक चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव मार्केटिंग यूनियन यानी बिस्कोमान के चुनाव में तीन लोगों को तोड़ने के लिए अशोक चौधरी ने अपने घर से 5-5 करोड़ रुपये दिए। सुनील सिंह ने कहा कि इस बात के कयास पहले से लगाए जा रहे थे और अब मंत्री खुद ही इसे स्वीकार कर चुके हैं।
आपको बता दें कि पिछले साल ही बिस्कोमान को नया अध्यक्ष मिला था। इस चुनाव में सुनील सिंह की पत्नी वंदना सिंह को हार का सामना करना पड़ा था, जबकि बीजेपी नेता विशाल सिंह ने जीत दर्ज की थी। सुनील सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि वे खुद चुनाव नहीं लड़ रहे थे क्योंकि उनके दो कार्यकाल पूरे हो चुके थे और वे नियम के तहत चुनाव नहीं लड़ सकते थे। उन्होंने दावा किया कि उनके पैनल के 11 सदस्य जीते थे, जबकि विरोधी पैनल के केवल 6 सदस्य जीते।
सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर उनके पैनल को हराने की साजिश रची। उन्होंने यह भी कहा कि अशोक चौधरी ने अपने दामाद को कथित तौर पर फर्जी तरीके से मुजफ्फरपुर से प्रतिनिधि बनवाया ताकि वे अध्यक्ष बन सकें। हालांकि इन आरोपों पर अब तक अशोक चौधरी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल बिस्कोमान चुनाव को लेकर उठे इन आरोपों ने बिहार की सियासत को फिर से गरमा दिया है।