दिल्ली: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को दिल्ली में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। सोनिया गांधी ने लालू प्रसाद यादव के आवास पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस मुलाकात के दौरान परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। सोनिया गांधी और लालू यादव की मुलाकात में पुराने दिनों की यादें ताजा हुईं। UPA सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों पर दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। इस मुलाकात को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि लालू और सोनिया गांधी के संबंध हमेशा अच्छे रहे हैं और दोनों ने बुरे वक्त में एक-दूसरे का साथ दिया है।
सोनिया गांधी से मुलाकात को लेकर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने खुद जानकारी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है-आदरणीय मैडम श्रीमती सोनिया गांधी जी ने आवास पहुँच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान पुराने दिनों की यादें ताजा हुई। स्मरण किया कि कैसे UPA सरकार के दिनों में हम लोगों ने युवाओं, किसानों, जवानों और आम आदमी के लिए पारदर्शी व जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की तथा मनरेगा, RTE, RTI जैसी कानूनों से देशवासियों को सशक्त किया गया। सरदार मनमोहन सिंह जी के नेतृत्व में बिहार के विकास के लिए हम लोगों ने कैसे 1 लाख 45 हज़ार करोड़ से अधिक की धनराशि दी।
मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने बताया कि लालू यादव रूटीन चेकअप के लिए दिल्ली आए हैं, इसलिए सोनिया गांधी मिलने आई थीं। उन्होंने कहा कि लालू यादव और सोनिया गांधी का संबंध बहुत अच्छा रहा है। बुरे वक्त में भी सोनिया जी और लालू जी ने एक दूसरे का सहयोग किया है। सोनिया गांधी लालू यादव जी की तबीयत की जानकारी लेने आई थीं और देखभाल रखने को बोला है।
वहीं बिहार की राजनीति और दो निर्दलीय एमएलसी की सदस्यता को लेकर तेजस्वी ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला। दो निर्दलीय विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के भाजपा में शामिल होने के विवाद पर तेजस्वी यादव ने कहा कि दोनों नेताओं की सदस्यता खत्म होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान को कुचलने का काम कर रही है। उनका कहना था कि निर्दलीय एमएलसी चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल की सदस्यता नहीं ले सकता।
INDIA गठबंधन की रैली को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में विपक्ष को एकजुट होकर मजबूती से मुकाबला करना होगा। उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दलों को एक साथ आकर लड़ाई लड़नी होगी, तभी जीत संभव है. दिल्ली में एक दिन पहले हुई इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर तेजस्वी ने कहा कि इसे फ्लॉप साबित करने की जरूरत नहीं है।उन्होंने कहा कि अगर रैली फ्लॉप होती तो इतनी खलबली और घबराहट नहीं होती।