बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जोरदार प्रहार किया है। रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बिहार सरकार पर भ्रष्टाचार, टेंडर आवंटन और तमाम मुद्दों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। रिशु श्री प्रकरण से लेकर सद्गुरु की संस्था को भूमि लीज पर दिए जाने तक, तेजस्वी यादव ने तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
मुंगेर और पटना के बांस घाट की जमीन सद्गुरु जग्गी वासुदेव की संस्था को एक रुपये की लीज पर दिए जाने के मुद्दे पर तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा। प्रेस वार्ता के दौरान तेजस्वी यादव ने चर्चित ठेकेदार रिशु श्री और कथित टेंडर घोटाले का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार इस मामले में कई अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पूछा कि आखिर किन अधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है और क्यों? साथ ही तेजस्वी ने रिशु श्री और उनकी कंपनियों को दिए गए सभी सरकारी टेंडरों की न्यायिक जांच कराने की मांग की।
तेजस्वी यादव ने सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि हाल के दिनों में बिहार में भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। ईडी की जांच, आईएएस अधिकारियों की भूमिका और सरकारी टेंडरों के आवंटन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने रिशु श्री मामले में सवाल पूछते हुए कहा कि आखिर वर्षों तक सरकारी विभागों के टेंडर कथित तौर पर एक ही नेटवर्क के जरिए कैसे संचालित होते रहे और निगरानी तंत्र क्या करता रहा?
तेजस्वी यादव ने यह भी सवाल उठाया कि चार्जशीट में केवल छोटे लोगों को आरोपी बनाया गया, जबकि बड़े लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने निलंबित आईएएस अधिकारियों की गिरफ्तारी और चार्जशीट में उनके नाम नहीं होने पर भी सरकार को घेरा। तेजस्वी यादव ने बिहार के कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार के समय जो अधिकारी थे, वही सम्राट चौधरी के समय में भी बने हुए हैं। वह विश्व के सबसे भ्रष्ट अधिकारियों में से एक है।
तेजस्वी यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि रिशु श्री मामला तो केवल एक झलकी है इससे भी कई बड़े-बड़े घोटाले बिहार में हुए हैं जो कि अभी उजागर होने बाकी है। वहीं सीएम सम्राट चौधरी पर हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री अपरिपक्व हैं। बड़बोले हैं। यह लालू परिवार को गाली देते देते सीएम बन गए।