बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में छपरा सीट से आरजेडी के टिकट पर हार झेल चुके भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव का दर्द अब खुलकर सामने आ गया है। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान खेसारी ने राजनीति और नेताओं पर सीधा हमला बोला और कहा कि राजनीति उनके जैसे सच्चे लोगों के लिए नहीं है।
खेसारी लाल यादव ने साफ शब्दों में कहा कि वह कलाकार के रूप में ही ठीक हैं, क्योंकि राजनीति में वही लोग टिक पाते हैं जो झूठ बोलना जानते हैं। उन्होंने कहा कि अगर झूठे वादे करना, लोगों को गुमराह करना और दुनिया को बेवकूफ बनाना आता हो, तभी राजनीति में आना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वह हमेशा ईमानदारी से जीवन जीते आए हैं और आगे भी उसी रास्ते पर चलेंगे।
बीजेपी में जाने के सवाल पर खेसारी ने साफ इनकार करते हुए कहा कि उन्हें कई ऑफर मिले, लेकिन उन्होंने स्वीकार नहीं किया। साथ ही उन्होंने बीजेपी के पूर्व सांसद और भोजपुरी कलाकार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ पर भी पलटवार किया। खेसारी ने कहा कि वह बीजेपी के लायक हैं या नहीं, यह तय करने का अधिकार निरहुआ को नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि निरहुआ कोई बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं हैं, जो यह तय करें कि कौन पार्टी के लायक है और कौन नहीं।
दरअसल, डेढ़ महीने पहले एक इंटरव्यू में निरहुआ ने कहा था कि खेसारी लाल यादव बीजेपी के लायक नहीं हैं, क्योंकि उनकी सोच सही नहीं है। इसी बयान पर अब खेसारी का गुस्सा फूट पड़ा है।
वहीं बिहार छोड़कर मुंबई जाने के आरोपों पर खेसारी ने कहा कि छपरा या बिहार में आज तक कोई फिल्म सिटी नहीं बनाई गई। ऐसे में रोजी-रोटी कमाने के लिए उन्हें मुंबई जाना मजबूरी है। उन्होंने कहा कि अगर बिहार में फिल्म सिटी होती, तो उन्हें अपना राज्य छोड़कर नहीं जाना पड़ता।
कुल मिलाकर, खेसारी लाल यादव का यह बयान न सिर्फ राजनीति पर सवाल खड़े करता है, बल्कि भोजपुरी इंडस्ट्री और बिहार सरकार की नीतियों पर भी गंभीर चर्चा छेड़ता है।