केसी त्यागी की JDU से छुट्टी! पार्टी बोली- हमारा उनसे अब कोई रिश्ता नहीं, एक दिन पहले किए थे CM नीतीश को भारत रत्न देने की मांग

बिहार में विधानसभा चुनाव हुए अभी दो महीने ही हुए हैं और सियासी हलचल तेज हो गई है. जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी के हालिया बयानों से पार्टी नेतृत्व नाराज बताया जा रहा है.

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 10, 2026, 1:21:00 PM

बिहार में विधानसभा चुनाव हुए अभी दो महीने ही हुए हैं और सियासी हलचल तेज हो गई है. जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी के हालिया बयानों से पार्टी नेतृत्व नाराज बताया जा रहा है. मामला तब गरमाया जब केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की. जदयू ने इसे त्यागी का निजी बयान बताते हुए उससे दूरी बना ली है.

JDU ने केसी त्यागी के इस कदम पर सख्त रुख अपनाया है और साफ किया है कि यह पार्टी का आधिकारिक स्टैंड नहीं है. JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने बयान देते हुए कहा कि केसी त्यागी पार्टी के साथ हैं या नहीं, यह तक पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट नहीं है. 

पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने साफ कहा है कि केसी त्यागी जी क्या बोलते हैं, उससे जनता दल यूनाइटेड का कोई लेना-देना नहीं है। वहीं प्रवक्ता राजीव रंजन के हालिया बयान से यह साफ हो गया है कि जेडीयू का अब केसी. त्यागी से कोई औपचारिक संबंध नहीं रह गया है।

हाल ही में बांग्लादेशी क्रिकेटर को आईपीएल से हटाने के फैसले का विरोध किया था। पार्टी लाइन से अलग जाकर कहा था कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए। कल शुक्रवार को केसी त्यागी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की। हालांकि, सियासी गलियारे में इसे डैमेज कंट्रोल के लिए उठाया गया कदम बताया जा रहा है।

केसी त्यागी क्या बोलते हैं उससे जनता दल यूनाटेड का कोई सरोकार नहीं है। नीतीश कुमार को ग्लोबल थिंकर कहा गया है। उनका विराट व्यक्तित्व है। केसी त्यागी ने बयान दिए हैं तो वही जाने।

JDU सूत्रों की माने तो दोनों के बीच सम्मानजनक अलगाव हो चुका है। केसी त्यागी पार्टी के सीनियर लीडर रह चुके हैं, इसलिए जदयू ने उनके खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया है।

जेडीयू के भीतर यह माना जा रहा है कि त्यागी ने पार्टी के साथ लंबे समय तक अहम भूमिकाएं निभाई हैं, जिसे देखते हुए नेतृत्व किसी तरह का टकराव नहीं चाहता। पार्टी सूत्रों के अनुसार, केसी. त्यागी अब जेडीयू की नीतियों, फैसलों और आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं और भविष्य में पार्टी की ओर से जारी होने वाले बयानों में उनकी कोई दखल नहीं होगी।