भारतीय जनता पार्टी के तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से अपना संबंध समाप्त कर लिया है। शुक्रवार को बीजेपी नेतृत्व ने उनके द्वारा दी गई प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया। इस फैसले के साथ ही अन्नामलाई अब पार्टी के सदस्य नहीं रहे।
बीजेपी की ओर से जारी आधिकारिक सूचना में बताया गया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अन्नामलाई के इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से मंजूरी प्रदान कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस्तीफा स्वीकार होने के बाद अन्नामलाई की प्राथमिक सदस्यता समाप्त हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, इस्तीफे से पहले अन्नामलाई ने नई दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं से कई दौर की चर्चा की थी। दो जून को उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष से मुलाकात की थी। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बातचीत की थी। इन बैठकों के दौरान उन्होंने संगठन से सम्मानजनक तरीके से अलग होने की अपनी इच्छा व्यक्त की थी।
जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए समझाने का प्रयास किया। अन्नामलाई बैठक के बाद तमिलनाडु लौटना चाहते थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उनसे और बातचीत की। इसके बावजूद वे अपने रुख पर कायम रहे और संगठन में बने रहने के लिए तैयार नहीं हुए।
काफी प्रयासों के बाद भी जब अन्नामलाई ने अपना फैसला नहीं बदला, तब पार्टी ने उनके त्यागपत्र को स्वीकार करने का निर्णय लिया। शुक्रवार को जारी आधिकारिक घोषणा के साथ उनके बीजेपी से अलग होने की प्रक्रिया पूरी हो गई।
अन्नामलाई का यह कदम तमिलनाडु की राजनीति और बीजेपी संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे राज्य में पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं और पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने प्रदेश में बीजेपी की सक्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी।