पटना शहर में गंगा किनारे बना आधुनिक जेपी गंगा पथ जिसे लोग मरीन ड्राइव के नाम से भी जानते हैं, अब और आगे तक विस्तारित किया जाएगा। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में इस मुद्दे को लेकर चर्चा हुई। सदस्य मितलेश तिवारी ने सरकार से पूछा कि पटना से भागलपुर तक प्रस्तावित जेपी गंगा कॉरिडोर के तहत कोईलवर तक काम से लोग खुश हैं, लेकिन कोईलवर से आगे बक्सर तक विस्तार की क्या योजना है? क्या सरकार के पास कोई ठोस प्रस्ताव है?
इस पर पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार गंगा किनारे सड़क और जलमार्ग को जोड़कर एक बड़े विजन पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले लोग मरीन ड्राइव देखने के लिए मुंबई जाते थे, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में ही उसी तर्ज पर जेपी गंगा पथ का निर्माण कराया, जिससे राजधानी की तस्वीर बदल गई है।
मंत्री ने बताया कि यह परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे राष्ट्रीय जलमार्ग से भी जोड़ा जा रहा है। गंगा जलमार्ग को वाराणसी से लेकर फरक्का तक विकसित करने की योजना है। खास तौर पर मिर्जा चौकी, जो साहिबगंज बॉर्डर पर स्थित है, तक जलमार्ग को प्रभावी रूप से संचालित करने की परिकल्पना की गई है। जब गंगा में बड़े जहाजों का परिचालन सुचारु रूप से होगा, तब लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन को बड़ा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार की दीर्घकालिक योजना बक्सर से फरक्का तक गंगा किनारे सड़क और जलमार्ग आधारित विकास को आगे बढ़ाने की है। फिलहाल प्राथमिकता वर्तमान निर्माण कार्यों को पूरा करने की है, उसके बाद चरणबद्ध तरीके से विस्तार पर निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि जेपी गंगा पथ के बनने से पटना में ट्रैफिक दबाव कम हुआ है और लोगों को एक तेज वैकल्पिक मार्ग मिला है। दीघा से लेकर पटना सिटी तक इसके कई हिस्से बन चुके हैं और आगे विस्तार प्रस्तावित है। सरकार का मानना है कि सड़क और जलमार्ग के संयुक्त विकास से बिहार में व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।