प्रयागराज की पावन धरती, त्रिवेणी का संगम और भक्ति का ऐसा सैलाब कि हर तरफ बस 'हर-हर गंगे' की गूंज है! लेकिन आज माघ मेला क्षेत्र की रौनक तब और बढ़ गई, जब भारत सरकार के MSME कैबिनेट मंत्री जीतन राम मांझी आस्था के इस महाकुंभ में पहुंचे।
मौका था— धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के महानिर्वाण महोत्सव का। युवा चेतना के सेवा शिविर में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने न सिर्फ संतों का आशीर्वाद लिया, बल्कि 'नर सेवा ही नारायण सेवा' का एक बड़ा संदेश भी दिया।

युवा चेतना के प्रमुख रोहित कुमार सिंह ने बैंड-बाजे और फूल-मालाओं के साथ जीतन राम मांझी का जोरदार स्वागत किया। हजारों की संख्या में मौजूद जनसैलाब ने इस पल को ऐतिहासिक बना दिया। केंद्रीय मंत्री ने देश के वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के चरणों में शीश नवाया।

करपात्री जी को नमन: इस दौरान स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने करपात्री जी को 'सनातन धर्म का सूर्य' बताया, तो वहीं जीतन राम मांझी ने उन्हें 'धर्म का अवतार' कहकर संबोधित किया।

मंच से हुंकार भरते हुए जीतन राम मांझी ने साफ कहा कि उनकी सरकार और वे खुद गरीबों के समग्र विकास के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह के सेवा कार्यों की जमकर सराहना की।

वहीं, युवा नेता रोहित कुमार सिंह ने अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने कहा— 'समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ना ही मेरे जीवन का एकमात्र लक्ष्य है, क्योंकि सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।'"
