भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार में सियासत उफान पर है। विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष के नेता भी एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक भरत तिवारी को तीन नहीं बल्कि पांच गोलियां मारी गईं थी। वहीं केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के सुप्रीमो जीतन राम मांझी इस एनकाउंटर को सही बता रहे हैं। इस बीच जीतन राम मांझी के एक ट्वीट ने बिहार की सियासत को गरमा दिया है।
दरअसल केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने बहुजन महासभा में शामिल होने का ऐलान किया है। जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है-देश की जनता करें पुकार, बहुजन एकता अबकी बार, के नारों के बीच आगामी 5 जुलाई 2026 को आरा आ रहा हूं। जगदीशपुर में आयोजित “बहुजन महासभा” में शामिल होने।
बता दें कि बिहार के भोजपुर जिले के जगदीशपुर में बहुजन एकता के नारों के साथ "बहुजन महासभा" का आयोजन किया जा रहा है । इस आयोजन में बहुजन समाज के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में बहुजन आंदोलन और एकजुटता को बढ़ावा देना है। इस महासभा में जीतन राम मांझी भी शामिल होंगे। उन्होंने शनिवार को ट्वीट कर इसका ऐलान किया है।
इससे पहले भरत तिवारी एनकाउंटर पर केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने कहा कि वह इस एनकाउंटर को पूरी तरह जस्टिफाइड (सही) मानते हैं। देश संविधान और कानून से चलेगा, अवैध पिस्टल की नोक से नहीं। अगर कोई पुलिस पर पिस्टल तानेगा, तो पुलिस आत्मरक्षा में गोली चलाएगी ही।
इतना ही नहीं मांझी ने सोशल मीडिया हैंडल (X) पर लिखा-दलितों का एनकाउंटर हो तो 'नक्सली था मारा गया', मुसलमान का एनकाउंटर हो तो 'आतंकवादी था मारा गया', ऐसा कहने वाले लोग ही आज भरत तिवारी के एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं। भरत तिवारी कोई क्रांतिकारी नहीं था। जातिवादी मानसिकता के लोग उसका महिमामंडन कर रहे हैं।
बता दें कि भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक भरत तिवारी को तीन नहीं बल्कि पांच गोलियां मारी गईं थी। पुलिस के दावे से इतर परिवार का दावा सही पाया गया। वहीं सरकार की ओर से गठित न्यायिक जांच समिति के अध्यक्ष हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश विनोद सिन्हा ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस विभाग की ओर से जांच की जिम्मेदारी शाहाबाद रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) को सौंपी गई है।