जेडीयू MLC नीरज कुमार ने अपनी ही सरकार को घेरा, गार्डिनर रोड अस्पताल में एक साल से बंद अल्ट्रासाउंड पर उठाए सवाल

बिहार विधान परिषद के बजट सत्र के दूसरे दिन राजनीतिक हलचल तेज देखने को मिली, जब सत्ताधारी दल जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार ने अपनी ही सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 03, 2026, 1:05:00 PM

बिहार विधान परिषद के बजट सत्र के दूसरे दिन राजनीतिक हलचल तेज देखने को मिली, जब सत्ताधारी दल जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार ने अपनी ही सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मामला राजधानी पटना के गार्डिनर रोड अस्पताल से जुड़ा है, जहां पिछले करीब एक साल से अल्ट्रासाउंड सेवा पूरी तरह बंद पड़ी है।

विधान परिषद में बोलते हुए नीरज कुमार ने कहा कि गार्डिनर रोड अस्पताल पटना शहर के बीचों-बीच स्थित एक प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थान है। इसके बावजूद यहां अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी जांच सुविधा का लंबे समय तक बंद रहना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर स्वास्थ्य विभाग इतने समय से इस गंभीर समस्या की अनदेखी क्यों कर रहा है और आम मरीजों को परेशानी क्यों झेलनी पड़ रही है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से अल्ट्रासाउंड सेवा बंद रहने का कारण रेडियोलॉजिस्ट की कमी बताया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज कुमार ने इसे “घोर आश्चर्य का विषय” बताया। उन्होंने कहा कि मरीजों की जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। अल्ट्रासाउंड मशीन सिर्फ एक उपकरण नहीं है, बल्कि बिना प्रशिक्षित रेडियोलॉजिस्ट के यह मरीजों के लिए बेकार साबित होती है। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बेहद जरूरी है।

मामले पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने जवाब देते हुए कहा कि विभाग लगातार चिकित्सकों की नियुक्ति के प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि जितने पद खाली हैं, उतने आवेदन ही नहीं आ रहे हैं। मंत्री ने सवाल उठाया कि जब आवेदन देने के लिए लोग ही नहीं आते, तो नियुक्ति कैसे की जाए।

हालांकि, मंगल पांडे ने यह भी माना कि गार्डिनर रोड अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा का बंद रहना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग इस दिशा में तुरंत कदम उठाएगा और अगले कुछ हफ्तों में विशेषज्ञ रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, ताकि मरीजों को जल्द ही जरूरी जांच सुविधाएं मिल सकें।