तेजस्वी यादव की सुरक्षा घटाए जाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। नीतीश सरकार के मंत्री जमा खान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि तेजस्वी यादव अक्सर विधानसभा से गायब रहते हैं और अब पहले की तरह जनता के बीच भी सक्रिय नहीं दिखते। ऐसे में उनकी सुरक्षा में की गई कटौती पूरी तरह नियमों के अनुरूप है।
मंत्री जमा खान ने साफ कहा कि एनडीए सरकार न किसी को दबाती है और न ही किसी के साथ पक्षपात करती है। सुरक्षा व्यवस्था तय मानकों और गतिविधियों के आकलन के आधार पर तय की जाती है। जमा खान ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि वे अक्सर अपने विपक्षी साथियों से कहते हैं कि काम करने का तरीका मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब सदन चल रहा था, उस समय भी नेता प्रतिपक्ष गायब थे। ऐसे में यह ठीक नहीं है। सदन में रहना चाहिए, जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना चाहिए और अधूरे कामों को सरकार के सामने रखना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार हमेशा कहते हैं कि जो काम अधूरे हैं, उन्हें बताइए, सरकार उन्हें पूरा करेगी। लेकिन इसके लिए विपक्ष को सदन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने दोहराया कि सुरक्षा में कटौती किसी राजनीतिक दुर्भावना के तहत नहीं बल्कि नियम और प्रक्रिया के अनुसार की गई है।
गौरतलब है कि तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती की गई है। जेड सुरक्षा को घटाकर वाई प्लस सिक्योरिटी दी हई है। इसके अलावा बीजेपी के कई नेताओं को जेड सिक्योरिटी मिली है। जिसमें बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और केंद्रीय ललन सिंह शामिल हैं। जबकि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की सुरक्षा वाई से बढ़ाकर वाई प्सल कर दी गई है