बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री श्रवण कुमार ने कैमूर दौरे के दौरान कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। दिल्ली में आयोजित कांग्रेस कार्य समिति की बैठक पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों का कोई ठोस परिणाम नहीं निकलने वाला है।
मंत्री श्रवण कुमार ने सीधे तौर पर राहुल गांधी की राजनीतिक क्षमता पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी जहाँ भी चुनाव प्रचार करने जाते हैं, वहाँ उनकी पार्टी का 'सफाया' होना तय है। इतना ही नहीं, उन्होंने गठबंधन के साथियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी दल राहुल गांधी के साथ हाथ मिलाएगा, उसका पतन निश्चित है। उनके अनुसार, देश की जनता अब ऐसी राजनीति को नकार चुकी है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने की बढ़ती चर्चाओं पर मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के राजनीति में आने से समाज और सरकार में नई तकनीक और प्रगतिशील सोच आएगी। उन्होंने निशांत कुमार का स्वागत करते हुए इसे बिहार के भविष्य के लिए अच्छा संकेत बताया।
राजद (RJD) के 17-18 विधायकों के जेडीयू के संपर्क में होने की खबरों पर श्रवण कुमार ने सस्पेंस बरकरार रखा। उन्होंने कहा कि जो नेता प्रदेश का विकास चाहते हैं, वे स्वाभाविक रूप से नीतीश कुमार के नेतृत्व की ओर आकर्षित होते हैं। वहीं, तेजस्वी यादव की राजनीतिक परिदृश्य से अनुपस्थिति पर उन्होंने टिप्पणी की कि यह उनका 'निजी पारिवारिक मामला' हो सकता है, जिस पर वे कुछ नहीं कहना चाहते।
श्रवण कुमार के इन बयानों ने बिहार की सियासी तपिश बढ़ा दी है, जिससे आने वाले दिनों में वार-पलटवार का दौर तेज होना तय है।