राज्यसभा चुनाव जीत चुके जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार सितंबर 2026 (अगले 6 महीने) तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं। हालांकि, राज्यसभा सांसद बनने के लिए उन्हें आगामी 30 मार्च तक एमएलसी पद से इस्तीफा देना जरूरी होगा।
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि संवैधानिक प्रावधान के तहत कोई व्यक्ति बगैर किसी सदन का सदस्य रहे 6 माह तक मुख्यमंत्री रह सकता है। इस समयसीमा के अंदर उसे विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना होगा।
प्रेम कुमार ने कहा कि किसी सदन का सदस्य यदि दूसरे सदन का सदस्य निर्वाचित हो जाता है, तो उसे नियमानुसार 14 दिनों में किसी एक सदन की सदस्यता से इस्तीफा देना होता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए हैं। लिहाजा, उन्हें 30 मार्च तक इस्तीफा देना होगा
राज्यसभा जाने का फैसला कर चुके नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री का पद भी छोड़ेंगे। हालांकि, यह अभी तय नहीं हुआ है कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा कब देंगे। 30 मार्च तक एमएलसी पद से इस्तीफा देने और राज्यसभा सांसद की शपथ लेने के बाद भी वे सीएम पद पर बने रह सकते हैं। नियमों के अनुसार, उनके पास 6 महीने तक का समय रहेगा।