काम करने जा रही हो तो हिजाब लगाने की क्या जरूरत है.. जीतनराम मांझी ने किया नीतीश कुमार का बचाव

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला के चेहरे से हिजाब हटाने का मामला अब सियासी गलियारों में पूरी तरह गरमा चुका है। विपक्ष जहाँ इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे और माफी की मांग कर रहा है

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 18, 2025, 5:33:00 PM

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला के चेहरे से हिजाब हटाने का मामला अब सियासी गलियारों में पूरी तरह गरमा चुका है। विपक्ष जहाँ इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे और माफी की मांग कर रहा है, वहीं सरकार के सहयोगियों ने मोर्चा संभाल लिया है। केंद्रीय मंत्री और 'हम' संरक्षक जीतन राम मांझी ने इस विवाद पर मुख्यमंत्री का पुरजोर समर्थन करते हुए इसे एक 'एक्सीडेंटल' घटना करार दिया है।

जीतन राम मांझी ने इस पूरे प्रकरण को मानवीय नजरिए से देखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना या किसी का अपमान करना कतई नहीं था। मांझी के अनुसार, नीतीश कुमार ने संभवतः स्नेहवश एक अभिभावक के तौर पर, बेटी या बहू समझकर महिला का हिजाब हटाया होगा।

मांझी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "यह पूरी तरह से एक्सीडेंटल था। जब आप जनता के बीच काम करते हैं, तो सहजता में ऐसी चीजें हो जाती हैं। मुख्यमंत्री के मन में महिलाओं के प्रति सदैव गहरा सम्मान रहा है।"

केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देना अनुचित है। उन्होंने तर्क दिया कि नीतीश कुमार का राजनीतिक करियर 'सर्वधर्म समभाव' का प्रतीक रहा है। उनके अनुसार, काम के दौरान हिजाब को लेकर की गई टिप्पणी एक बड़े बुजुर्ग की सलाह जैसी थी, जिसे धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।