बिहार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री सह उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पटना के ज्ञान भवन में आयोजित भूमि सुधार जन कल्याण कार्यशाला में अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। राज्य भर से आए एडीएम, डीसीएलआर और अंचलाधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया।
उप मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि अब सभी अंचल कार्यालय और डीसीएलआर कार्यालय में शिकायत पेटी अनिवार्य रूप से लगाई जाएगी। आम लोग जमीन से संबंधित शिकायत लिखित रूप में पेटी में डाल सकेंगे। सीओ कार्यालय की शिकायत पेटी सिर्फ वही अंचलाधिकारी खोलेंगे, जबकि डीसीएलआर कार्यालय में सीओ के खिलाफ की गई शिकायतों की पेटी डीसीएलआर खुद खोलेंगे। इससे आम जनता की जमीन से जुड़ी समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा।
विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जमीन के मामलों में फर्जीवाड़ा करने वालों पर आपराधिक कानूनों के तहत 31 दिसंबर तक प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि दस्तावेजों में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए स्पेशल टीम और उड़न दस्ते का गठन किया जाएगा, जो औचक जांच करेंगे। मंत्री ने सख्त लहजे में कहा, “जो पकड़े जाएंगे, उनका इलाज कर दिया जाएगा।”
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो अधिकारी बेहतर काम करेंगे, उन्हें पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया जाएगा। आम जनता को बरगलाना अब महंगा पड़ेगा।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समय सीमा के अंदर सभी सेवाएं देना सुनिश्चित करें। बेवजह आवेदन लटकाने वाले अब नहीं बचेंगे। उन्होंने कार्यशाला के दिन छुट्टी पर रहने वाले अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने का आदेश दिया और कहा कि भागने से काम नहीं चलेगा, जो भागेंगे उनका पीछा अंतिम समय तक किया जाएगा।
विजय कुमार सिन्हा ने सभी सीओ को निर्देश दिया कि उन्हें जो कानूनी अधिकार दिए गए हैं, उनका सही इस्तेमाल करें। झूठा शपथ देने वालों पर तुरंत एफआईआर दर्ज करें और निर्दोष लोगों को परेशान न करें।