“मैं सवर्ण हूं, फांसी दे दो” — पटना में UGC बिल के खिलाफ उग्र प्रदर्शन, PM के पोस्टर जलाए, फरसा लेकर सड़क पर उतरने की चेतावनी

देशभर में UGC बिल 2026 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। इसी कड़ी में राजधानी पटना में भी ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन और स्वर्ण समाज एकता मंच के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 28, 2026, 3:27:00 PM

देशभर में UGC बिल 2026 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। इसी कड़ी में राजधानी पटना में भी ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन और स्वर्ण समाज एकता मंच के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी दिनकर गोलंबर पर जुटे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के पोस्टर लगाए गए, जिन पर कालिख पोती गई। प्रदर्शनकारियों ने UGC बिल को “काला कानून” करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि यह बिल छात्रों के हितों के खिलाफ है और समाज में समानता की जगह भेदभाव को बढ़ावा देगा।

प्रदर्शन कर रहे उज्जवल कुमार ने कहा कि UGC बिल किसी भी तरह से बच्चों और छात्रों के भविष्य के लिए सही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ समानता की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ ऐसे कानून ला रही है जो समाज में जातीय विभाजन को बढ़ाता है। उज्जवल कुमार ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में समानता चाहती है, तो छात्रों के खिलाफ ऐसा कानून क्यों लाया जा रहा है।

उन्होंने मशहूर कवि दिनकर का जिक्र करते हुए कहा कि जब उनसे जाति पूछी गई थी तो उन्होंने गर्व से अपनी पहचान बताई थी। उज्जवल कुमार ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन और तेज होगा, सड़क पर उतरकर चक्का जाम किया जाएगा। उनका कहना है कि सरकार को समझना होगा कि समाज की ताकत ही सत्ता बनाती और गिराती है।

इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल और तेजप्रताप यादव ने खुलकर UGC बिल का समर्थन किया है। वहीं भाजपा और उसके सहयोगी दलों की चुप्पी पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने से बच रही है।

फिलहाल, UGC बिल को लेकर सियासत और सड़क—दोनों जगह हलचल तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र होने के संकेत मिल रहे हैं।