बिहार विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान आज सदन में उस समय तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जब लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग से जुड़े एक सवाल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद विधायक भाई वीरेंद्र आमने-सामने आ गए। मामला मनेर विधानसभा क्षेत्र में आर्सेनिक युक्त पानी से हो रही बीमारियों को लेकर उठाए गए प्रश्न का था।
दरअसल, विभाग के मंत्री संजय सिंह सदन में जवाब दे रहे थे, लेकिन राजद विधायक भाई वीरेंद्र उनके उत्तर से संतुष्ट नजर नहीं आए। वे बार-बार अपनी सीट से खड़े होकर सरकार को घेरने लगे और आर्सेनिक की समस्या पर ठोस कार्रवाई की मांग करने लगे। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हस्तक्षेप किया और भाई वीरेंद्र को टोका।
सीएम नीतीश कुमार ने भाई वीरेंद्र के स्वेटर पर टिप्पणी करते हुए हल्के अंदाज में कहा, “अभी इसकी क्या जरूरत है? क्यों पहने हैं?” मुख्यमंत्री ने यह बात अपनी सीट पर बैठे-बैठे इशारों में कही, जिससे सदन में हलचल बढ़ गई। इस पर भाई वीरेंद्र ने भी तुरंत जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी, आप ही ने स्वेटर दिया है, इसलिए पहने हैं। आप भूल जाते हैं, समय पर दवाई खाइए तो नहीं भूलिएगा।”
भाई वीरेंद्र के इस बयान के बाद सदन में शोर-शराबा और बढ़ गया। इसके बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी खड़े हुए और उन्होंने कहा, “भाई वीरेंद्र जी, आपको आर्सेनिक पानी की जांच करानी है या जांच टीम के साथ खुद जाना चाहते हैं? मुख्यमंत्री ने आपको स्वेटर पर इसलिए टोका क्योंकि अब इतनी ठंड नहीं है कि स्वेटर पहना जाए।”
आर्सेनिक जैसे गंभीर मुद्दे पर शुरू हुई चर्चा कुछ देर के लिए राजनीतिक तकरार में बदल गई, हालांकि मूल सवाल मनेर क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा रहा।