बिहार दौरे पर गृह मंत्री अमित शाह, तीन दिनों में कई जिलों में करेंगे जनसभाएं और बैठकें, पूरा शेड्यूल आया सामने

देश के गृह मंत्री अमित शाह का 25 फरवरी से शुरू होने वाला तीन दिवसीय सीमांचल दौरा महज औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सीमा सुरक्षा, घुसपैठ नियंत्रण और रणनीतिक तैयारियों से जुड़ा एक अहम मिशन माना जा रहा है.

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 24, 2026, 1:50:00 PM

देश के गृह मंत्री अमित शाह का 25 फरवरी से शुरू होने वाला तीन दिवसीय सीमांचल दौरा महज औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सीमा सुरक्षा, घुसपैठ नियंत्रण और रणनीतिक तैयारियों से जुड़ा एक अहम मिशन माना जा रहा है.

अमित शाह का यह दौरा 25 फरवरी की शाम से शुरू होगा, जब वे पूर्णिया पहुंचने के तुरंत बाद किशनगंज के लिए उड़ान भरेंगे.किशनगंज समाहरणालय में शाम 5 से 7 बजे तक चलने वाली मैराथन बैठक में सुरक्षा तंत्र की समीक्षा की जाएगी. रात्रि विश्राम किशनगंज में करने के बाद, अगले दिन यानी 26 फरवरी को वे अररिया की सीमा चौकी ‘लेट्टी’ पहुंचेंगे.

यहां वे सुरक्षा बलों का उत्साहवर्धन करेंगे और पुलिस अधीक्षकों व जिलाधिकारियों के साथ भारत-नेपाल सीमा से जुड़े पेचीदा मुद्दों पर गहन चर्चा करेंगे. घुसपैठ और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करना इस बैठक का मुख्य एजेंडा रहने वाला है

इस दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2’ में शाह की भागीदारी है. इसके जरिए सरकार सीमा पर बसे गांवों को बुनियादी सुविधाओं से लैस कर वहां से पलायन रोकना चाहती है, ताकि ये गांव सुरक्षा की पहली पंक्ति के रूप में काम कर सकें.

गृह मंत्री पहले भी कई बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि सीमांचल में अवैध प्रवासियों को वोट बैंक बनाने की कोशिशों को एनडीए सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी. उनका यह दौरा उन घुसपैठियों को पकड़ने और डिपोर्ट करने की दिशा में प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय करने का एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

दौरे के आखिरी दिन, यानी 27 फरवरी को गृह मंत्री पूर्णिया में अधिकारियों के साथ एक और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे. इस बैठक में पिछले दो दिनों की फील्ड रिपोर्ट और भविष्य की रणनीतियों पर मुहर लगेगी.बैठक खत्म करने के बाद वे सीधे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे