हिजाब विवाद पर बोले मांझी- 74 साल के जिम्मेदार सीएम हैं नीतीश, 22 साल के युवा नहीं

गयाजी में केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'अगर यह हरकत किसी 22 साल के लड़के ने की होती, तो बात समझ में आती। उसने बिना सोचे-समझे, शायद गलत इंटेंशन से ऐसा किया होगा। लेकिन 74 साल का व्यक्ति अगर ऐसा करता है, तो उसे अभिभावक की नजर से देखना चाहिए।'

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 21, 2025, 2:25:00 PM

बिहार में हिजाब विवाद अब एक बड़े सियासी घमासान का रूप ले चुका है। हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर, डॉ. नुसरत जहां, को हिजाब हटाने के लिए कहे जाने पर विपक्षी दलों और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अब इस विवाद में केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी मजबूती से नीतीश कुमार के बचाव में उतर आए हैं।

गयाजी में पत्रकारों से बात करते हुए जीतनराम मांझी ने इस घटना को पूरी तरह से प्रशासनिक और शिष्टाचार का मामला बताया। उन्होंने कहा कि 74 साल के नीतीश कुमार उम्र और अनुभव के उस पड़ाव पर हैं जहाँ उन्हें एक 'अभिभावक' (Guardian) के रूप में देखा जाना चाहिए। मांझी के अनुसार, "अगर यह हरकत किसी 22 साल के युवक ने की होती, तो मंशा पर सवाल उठाया जा सकता था, लेकिन एक बुजुर्ग मुख्यमंत्री का टोकना केवल अनुशासन का हिस्सा है।"

केंद्रीय मंत्री ने तर्क देते हुए कहा, 'एक महिला डॉक्टर आयुष विभाग में जॉइन करने जा रही हैं। हिजाब पहना है, तो एक अभिभावक के तौर पर टोका जाना गलत कैसे हो सकता है। अगर डॉक्टर पेशेंट के सामने जाएंगी, तो कैसे रूबरू होंगी।'

'इस पूरे प्रकरण में नीतीश कुमार ने कुछ भी गलत नहीं किया है। जो लोग इस मुद्दे को बेवजह तूल दे रहे हैं, वे वही कठमुल्ले हैं जो समाज में द्वेष फैलाना चाहते हैं।'

जीतनराम मांझी के इस बयान से बिहार में हिजाब विवाद का मुद्दा और गरमा गया है। जहां एक ओर वे नीतीश कुमार के बचाव में खुलकर सामने आए हैं, वहीं उनके 'कठमुल्ला' वाले बयान पर नई बहस छिड़ गई है। यह देखना बाकी है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और किस दिशा में जाती हैं।