हिजाब विवाद के बाद चर्चा में आई मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन ने शनिवार को अपनी निर्धारित तिथि पर नौकरी जॉइन नहीं की। पटना सदर के सबलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्हें शनिवार शाम 6 बजे तक योगदान देना था, लेकिन वे वहां नहीं पहुंचीं।
इस मामले पर सिविल सर्जन अविनाश कुमार सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि नुसरत परवीन ने अब तक जॉइन नहीं किया है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से यदि जॉइनिंग की तारीख बढ़ाई जाती है, तो उसका पूरी तरह से पालन किया जाएगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
गौरतलब है कि हाल ही में हुई बहाली प्रक्रिया के तहत कुल 75 डॉक्टरों का चयन किया गया था। इनमें से अब तक 63 डॉक्टरों ने अपने-अपने पदों पर योगदान दे दिया है, जबकि 12 डॉक्टरों ने अब तक जॉइन नहीं किया है। नुसरत परवीन भी इन्हीं 12 डॉक्टरों में शामिल हैं।
नुसरत परवीन इससे पहले हिजाब पहनने को लेकर हुए विवाद के कारण सुर्खियों में आई थीं, जिसके बाद उनके जॉइनिंग को लेकर भी लोगों की निगाहें टिकी हुई थीं। अब यह देखना अहम होगा कि स्वास्थ्य विभाग आगे क्या फैसला लेता है और क्या नुसरत परवीन को जॉइनिंग के लिए नई तारीख दी जाती है या नहीं।
15 दिसंबर को CM नीतीश कुमार आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र बांट रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक महिला डॉक्टर नुसरत को पहले तो नियुक्ति पत्र दे दिया। इसके बाद उसे देखने लगे। महिला भी मुख्यमंत्री को देखकर मुस्कुराई।
CM ने हिजाब की ओर इशारा करते हुए पूछा कि ये क्या है जी। महिला ने जवाब दिया, हिजाब है सर। CM ने कहा कि हटाइए इसे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद अपने हाथ से महिला का हिजाब हटा दिया।