हरिवंश नारायण सिंह की राज्यसभा में वापसी, राष्ट्रपति कोटे से मिला नया दायित्व

हरिवंश नारायण सिंह की राज्यसभा में वापसी, राष्ट्रपति कोटे से मिला नया दायित्व

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 10, 2026, 11:44:00 AM

भारतीय संसदीय परंपरा में संतुलित और गरिमापूर्ण आचरण के लिए प्रसिद्ध हरिवंश नारायण सिंह के सार्वजनिक जीवन में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। 9 अप्रैल को उनका पूर्व कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनके भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन इस नियुक्ति ने उन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। साथ ही यह निर्णय उनके लंबे अनुभव और संसदीय योगदान की स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है।

बिहार से आने वाले हरिवंश ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी और इसी क्षेत्र में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। बाद में जनता दल (यूनाइटेड) ने उन्हें 2014 में पहली बार राज्यसभा भेजा। इस बार उनका चयन राष्ट्रपति द्वारा नामित सदस्यों की श्रेणी में हुआ है, जो आमतौर पर उन व्यक्तित्वों को दिया जाता है जिन्होंने समाज, साहित्य, या अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया हो।

संसद के उच्च सदन में उनकी भूमिका विशेष रूप से उपसभापति के तौर पर उल्लेखनीय रही है। अगस्त 2018 में वे पहली बार इस पद पर चुने गए और सितंबर 2020 में दोबारा इस जिम्मेदारी के लिए उन पर भरोसा जताया गया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सदन की कार्यवाही को संयमित और मर्यादित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब राज्यसभा में उनका यह तीसरा कार्यकाल होगा। एक अनुभवी संसदीय चेहरा और शांत-स्वभाव के नेता के रूप में उनकी पहचान ने उन्हें राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर एक सशक्त स्थान दिलाया है।