हरिवंश नारायण सिंह ने रचा संसदीय इतिहास, तीसरी बार निर्विरोध बने राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन

हरिवंश नारायण सिंह ने रचा संसदीय इतिहास, तीसरी बार निर्विरोध बने राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 17, 2026, 12:46:00 PM

वरिष्ठ पत्रकार से राजनेता बने हरिवंश नारायण सिंह ने एक बार फिर संसदीय इतिहास में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। उन्हें लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति पद पर बिना किसी मुकाबले के चुना गया है। इस बार भी उनके सामने कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं उतरा, जिससे उनका चयन स्वतः सुनिश्चित हो गया। शुक्रवार सुबह 11 बजे इस संबंध में औपचारिक घोषणा की गई।

इस चुनाव प्रक्रिया की समय-सीमा 16 अप्रैल को दोपहर 12 बजे समाप्त हुई थी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने हरिवंश को अपना उम्मीदवार बनाया था। राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सांसद एस. फांगनन कोन्याक ने समर्थन दिया। इसके अलावा, कुल पाँच प्रस्ताव उनके पक्ष में दाखिल किए गए, जिनमें भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन शामिल था।

विपक्षी दलों ने हालांकि इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद लंबे समय से खाली पड़ा है, ऐसे में राज्यसभा में इस पद के लिए जल्दबाजी में चुनाव कराना उचित नहीं है। इसके बावजूद विपक्ष ने कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया, जिससे मुकाबला एकतरफा हो गया।

हरिवंश का पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हुआ था, जब वे जनता दल (यूनाइटेड) के कोटे से इस पद पर थे। इस बार उनकी वापसी का रास्ता अलग परिस्थितियों में बना, लेकिन परिणाम वही रहा; निर्विरोध जीत और पद पर लगातार तीसरी बार काबिज होने का रिकॉर्ड।