बिहार में आज कानून का राज सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है। राज्य की एनडीए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध और अपराधियों के लिए अब बिहार की धरती पर कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शासन ने जिस दृढ़ता और प्रतिबद्धता के साथ कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है, उसका परिणाम आज पूरे राज्य में दिखाई देता है। महिलाएं, व्यापारी, छात्र, किसान—समाज का हर वर्ग खुद को पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है।
सरकार की पहली प्राथमिकता ही कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना रही है। अपराध पर नियंत्रण के लिए लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। संगठित अपराध के नेटवर्क को तोड़ा जा रहा है और अपराधियों को चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई के साथ जेल भेजा जा रहा है। गृह मंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कानून से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधन और जवाबदेही की सख्त व्यवस्था ने पुलिसिंग को और प्रभावी बनाया है।
एक समय था जब बिहार की पहचान ‘जंगलराज’ के रूप में की जाती थी। अपराधी बेखौफ घूमते थे और आम जनता भय के साये में जीती थी। लेकिन सुशासन की स्थापना ने उस दौर को पीछे छोड़ दिया है। प्रशासनिक सुधार, त्वरित न्याय प्रक्रिया और पारदर्शिता ने व्यवस्था में विश्वास बहाल किया है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष पहल की गई है—महिला हेल्पलाइन, सख्त कानूनी कार्रवाई और निरंतर निगरानी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एनडीए सरकार संकल्पित है कि बिहार में कानून का राज कायम रहेगा। सुशासन, सुरक्षा और विकास की यह यात्रा निरंतर जारी है, और राज्य प्रगति के पथ पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।