गरीबों की योजनाओं पर नेताओं की नजर! पूर्व विधायक का परिवार ले रहा राशन और आवास योजना का आरोप

बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 07, 2026, 2:09:00 PM

बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक पूर्व विधायक के परिवार पर गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ लेने का गंभीर आरोप लगा है।

 मामला अलौली विधानसभा क्षेत्र से राजद के पूर्व विधायक रामवृक्ष सदा से जुड़ा है, जिनकी पत्नी के नाम राशन कार्ड और बेटे के नाम मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने का खुलासा हुआ है। इस प्रकरण ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

खास बात यह है कि योजनाओं का लाभ सीधे विधायक के नाम पर नहीं, बल्कि उनकी पत्नी और पुत्र के नाम पर स्वीकृत किया गया। विधायक बनने के बाद भी पत्नी और नाबालिग बच्चों के नाम पर राशन उठाव जारी रहा। यही नहीं, सदा के बेटे रामानंद सदा के नाम पर 2023 में मुख्यमंत्री आवास योजना स्वीकृत की गई।

पूर्व विधायक की पत्नी सुशीला देवी के नाम जारी राशन कार्ड में संयुक्त परिवार के छह सदस्यों के नाम दर्ज हैं। इसी राशन कार्ड के आधार पर प्रति माह 12 किलो गेहूं और 18 किलो चावल, कुल 30 किलो अनाज का उठाव किया जा रहा है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, अंतिम बार 5 दिसंबर 2025 को इस कार्ड के जरिए 6 किलो गेहूं और 24 किलो चावल का उठाव किया गया है। आरोप है कि यह उठाव विधायक रहने के दौरान भी लगातार होता रहा।

मामला यहीं नहीं रुका। जांच में यह भी सामने आया है कि पूर्व विधायक के बेटे रामानंद सदा को वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया। योजना के तहत उन्हें तीन किस्तों में कुल 1.20 लाख रुपये की राशि दी गई, जो बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री आवास योजना का उद्देश्य भूमिहीन, बेघर और अत्यंत गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। ऐसे में एक पूर्व विधायक के बेटे को इस योजना का लाभ मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है।

इन आरोपों पर पूर्व विधायक रामवृक्ष सदा ने खुद को बेखबर बताते हुए सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे को आवास योजना का लाभ मिलने की जानकारी नहीं है और इसकी पुष्टि संबंधित कार्यालय से की जा सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले राशन कार्ड में उनका और उनकी पत्नी का नाम दर्ज था, लेकिन बाद में नाम कटवा दिया गया है। पत्नी के नाम पर राशन उठाव के आरोपों को उन्होंने गलत बताया।