बंगाल में मतदान से पहले चुनाव आयोग का बड़ा कदम, नंदीग्राम पुलिस पर्यवेक्षक को हटाया

बंगाल में मतदान से पहले चुनाव आयोग का बड़ा कदम, नंदीग्राम पुलिस पर्यवेक्षक को हटाया

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 22, 2026, 11:30:00 AM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले चुनाव आयोग ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में पुलिस पर्यवेक्षक को बदलने का निर्णय लिया है। मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार, पहले नियुक्त किए गए अधिकारी हितेश चौधरी की जगह अब अखिलेश सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

नंदीग्राम राज्य की राजनीति का अत्यंत अहम और संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, जहाँ 23 अप्रैल को पहले चरण में मतदान होना है। यह इलाका विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी का गढ़ भी है। इस बार सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम के साथ-साथ दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर सीट से भी चुनाव मैदान में हैं, जहाँ उनका मुकाबला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से है। भवानीपुर में मतदान दूसरे चरण में 29 अप्रैल को होना तय है।

हालांकि चुनाव आयोग ने पर्यवेक्षक बदलने के पीछे कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र की संवेदनशीलता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

इस बीच, राजनीतिक माहौल भी गरमाया हुआ है। तृणमूल कांग्रेस ने हाल ही में नंदीग्राम थाने के प्रभारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि भाजपा नेताओं के खिलाफ की गई शिकायतों पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पार्टी का यह भी आरोप है कि स्थानीय पुलिस का रवैया पक्षपातपूर्ण है, जहाँ सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं के मामलों में सख्ती दिखाई जाती है, जबकि विपक्ष से जुड़े मामलों में उदासीनता बरती जाती है।

नंदीग्राम सीट से तृणमूल कांग्रेस ने इस बार पवित्र को उम्मीदवार बनाया है, जो पहले भाजपा से जुड़े रहे हैं और कभी सुवेंदु अधिकारी के करीबी माने जाते थे। उल्लेखनीय है कि उन्होंने पार्टी के उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा था।

मतदान से पहले इस तरह के प्रशासनिक बदलाव और आरोप-प्रत्यारोप ने नंदीग्राम की चुनावी लड़ाई को और अधिक दिलचस्प और संवेदनशील बना दिया है।