बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने लालू परिवार पर फिर हमला बोला है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने राजद नेता रोहिणी आचार्य के हालिया सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी । जायसवाल ने कहा कि अगर रोहिणी को न्याय चाहिए तो उन्हें मुख्यमंत्री या अन्य लोगों के पास जाने के बजाय अपने माता-पिता, लालू यादव और राबड़ी देवी से न्याय मांगना चाहिए, क्योंकि माता-पिता ही सबसे अच्छा फोरम हैं और निजी मामलों में कोई दखल नहीं दे सकता
दिलीप जायसवाल ने आगे कहा, “हमारा मानना है कि सबसे अच्छा फोरम माता-पिता हैं. मुख्यमंत्री और लोग ऐसे निजी मामलों में दखल नहीं दे सकते. इसलिए उन्हें लालू-राबड़ी के पास फरियाद रखनी चाहिए.
दरअसल, बिहार चुनाव के बाद से ही लालू परिवार में अंदरूनी कलह सामने आई है। चुनाव में हार के बाद रोहिणी आचार्य ने भाई तेजस्वी यादव और उनके सलाहकार संजय यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसमें गाली-गलौज और मारपीट का जिक्र था [1]। इस घटना के बाद रोहिणी ने 'एक्स' पर एक भावुक पोस्ट में कहा था कि हर बेटी को यह अधिकार है कि वह अपने मायके को एक सुरक्षित जगह माने, जहां वह बिना किसी डर या स्पष्टीकरण के लौट सके।
दिलीप जायसवाल ने इसी पोस्ट पर निशाना साधते हुए कहा कि रोहिणी का अपने मायके में न्याय का अधिकार लागू करवाना प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि पारिवारिक मामला है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इन निजी मामलों में बाहरी हस्तक्षेप संभव नहीं है और रोहिणी को अपनी फरियाद परिवार के भीतर ही रखनी चाहिए। यह बयान बिहार की राजनीति में चल रहे लालू परिवार के अंदरूनी विवाद को और हवा दे रहा है।