सीवान: भाजपा की सियासत में अब मामला सिर्फ बयानबाजी का नहीं रहा, बल्कि पार्टी अनुशासन बनाम सार्वजनिक असहमति की लड़ाई तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव को भाजपा बिहार प्रदेश ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 31 अगस्त को जारी नोटिस में प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अक्षय कुमार ने पार्टी नेताओं के खिलाफ मीडिया में कथित “अनर्गल बयानबाजी” को गंभीरता से लेते हुए इसे दल-विरोधी कृत्य और पार्टी अनुशासन का उल्लंघन बताया है। ओम प्रकाश यादव से छह दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।
बताया जा रहा है कि डस्टबिन घोटाले मामले पर पिछले दिनों ओम प्रकाश यादव ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने डस्टबिन घोटाले को लेकर सवाल खड़े किए और सार्वजनिक तौर पर मंगल पांडे को घेरा था। बताया जा रहा है कि कारण बताओ नोटिस का मतलब यह नहीं है कि ओम प्रकाश यादव के खिलाफ कार्रवाई तय हो गई है। नोटिस जवाब मांगने की प्रक्रिया है, और अब उनकी सफाई बेहद महत्वपूर्ण होगी। लेकिन इस घटनाक्रम ने सीवान भाजपा की अंदरूनी राजनीति को जरूर गर्म कर दिया है।
दरअसल ओम प्रकाश यादव सीवान के पूर्व सांसद रह चुके हैं और जिले की राजनीति में उनका अपना राजनीतिक प्रभाव रहा है। ऐसे में उनके खिलाफ प्रदेश स्तर से नोटिस जारी होना अपने आप में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। जानकारो के अनुसार डस्टबिन का मुद्दा अब सिर्फ डस्टबिन का मुद्दा नहीं रह गया है। यह मामला भाजपा के भीतर असहमति की सीमा, पार्टी अनुशासन और सार्वजनिक बयानबाजी की बहस बन चुका है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इसके आगे की चाल किसकी होगी। राजनीति के जानकारों के अनुसार सीवान भाजपा की सियासत में आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
पटना से अनूप नारायण सिंह की रिपोर्ट