एक्शन मोड में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, घूसखोर कर्मचारी को किया बर्खास्त

भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। पटना जिले के मसौढ़ी अंचल कार्यालय में पदस्थापित तत्कालीन राजस्व कर्मचारी राजा कुमार को गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों में दोषी पाए जाने के बाद सेवा से बर्खास्

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 15, 2026, 8:54:00 PM

भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। पटना जिले के मसौढ़ी अंचल कार्यालय में पदस्थापित तत्कालीन राजस्व कर्मचारी राजा कुमार को गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों में दोषी पाए जाने के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत की गई है।

दरअसल, राजा कुमार को 23 दिसंबर 2025 को निगरानी विभाग की धावा दल ने मसौढ़ी प्रखंड कार्यालय परिसर से गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि वे भूमि परिमार्जन आवेदनों के निष्पादन के बदले आवेदकों से एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने जानबूझकर कई आवेदन लंबित रखे, ताकि आवेदकों पर दबाव बनाया जा सके।

विभागीय जांच के दौरान राजा कुमार को कई बार स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया गया, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। अपर समाहर्ता-सह-संचालन पदाधिकारी, पटना द्वारा की गई जांच में सभी आरोप पूर्णतः प्रमाणित पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर सक्षम प्राधिकार ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे कर्मचारी को सेवा में बनाए रखना लोकहित के प्रतिकूल है, इसलिए बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया।

प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि इस विभागीय कार्रवाई से राजा कुमार के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।

इस पूरे मामले पर उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी आम जनता को परेशान करेगा या भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाएगा, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।