सरकारी कार्यक्रमों में पहचान छिपाने पर नियम तय करने की उठी माँग

भारत के जिम्मेदार नागरिक आशीष रंजन सिंह निराला एवं अमल कुमार आनंद ने महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री तथा माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार को एक औपचारिक ज्ञापन प्रेषित कर यह माँग की

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 20, 2025, 4:05:00 PM

भारत के जिम्मेदार नागरिक आशीष रंजन सिंह निराला एवं अमल कुमार आनंद ने महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री तथा माननीय गृह मंत्री, भारत सरकार को एक औपचारिक ज्ञापन प्रेषित कर यह माँग की है कि उन सभी सार्वजनिक एवं सरकारी कार्यक्रमों में, जहाँ चेहरे की पहचान अनिवार्य होती है, वहाँ हिजाब या घूँघट के माध्यम से चेहरे को पूर्ण रूप से ढककर उपस्थिति पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि शपथ-ग्रहण समारोह, आधिकारिक बैठकें, पुरस्कार वितरण कार्यक्रम, पहचान-आधारित प्रक्रियाएँ, सुरक्षा से जुड़े आयोजन तथा विभिन्न प्रशासनिक कार्यक्रमों में उपस्थित व्यक्तियों की स्पष्ट पहचान राष्ट्रीय सुरक्षा, प्रशासनिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है। चेहरे के पूर्ण रूप से ढके होने की स्थिति में सुरक्षा सत्यापन एवं पहचान सुनिश्चित करने में व्यावहारिक कठिनाइयाँ उत्पन्न होती हैं, जिससे व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना रहती है।

नागरिकों ने आग्रह किया है कि संविधान की भावना, राष्ट्रीय सुरक्षा और समान नागरिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए जाएँ, जिनके अंतर्गत—

जिन कार्यक्रमों में चेहरे की पहचान अनिवार्य हो, वहाँ हिजाब या घूँघट में उपस्थिति प्रतिबंधित की जाए।

पहचान सत्यापन के समय चेहरे का स्पष्ट रूप से दिखाई देना अनिवार्य किया जाए।

ये नियम सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू हों, जिससे निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यह माँग किसी भी धर्म, समुदाय या परंपरा के विरुद्ध नहीं है, बल्कि केवल राष्ट्रीय हित, सुरक्षा तथा प्रशासनिक स्पष्टता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

नागरिकों को आशा है कि सरकार इस विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करेगी, ताकि सार्वजनिक एवं सरकारी व्यवस्थाओं में समान नियमों के माध्यम से प्रभावी प्रशासन सुनिश्चित किया जा सके।