परिवार और पार्टी से निकाले जाने के करीब आठ महीने बाद आरजेडी नेता तेजप्रताप यादव ने दिल्ली में अपने पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। यह मुलाकात उनकी बहन मीसा भारती के दिल्ली स्थित आवास पर हुई, जहां तेजप्रताप यादव ने पिता लालू यादव और बहन मीसा भारती को दही-चूड़ा भोज का न्योता दिया।
मीसा भारती के आवास से बाहर निकलने के बाद तेजप्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह सिर्फ न्योता देने आए थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या लालू यादव भोज में शामिल होंगे, तो तेजप्रताप ने कहा, “क्यों नहीं आएंगे, जरूर आएंगे।” उनके इस बयान से सियासी गलियारों में एक बार फिर कयासों का दौर शुरू हो गया है कि क्या यादव परिवार में रिश्तों की बर्फ पिघल रही है।
इस बीच लैंड फॉर जॉब्स केस में आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने लालू परिवार समेत कुल 41 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं। अब इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव के खिलाफ ट्रायल चलेगा।
ट्रायल के दौरान कोर्ट परिसर में एक अहम दृश्य भी देखने को मिला। तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव और मीसा भारती कोर्ट पहुंचे थे। कोर्ट की लिफ्ट से तेजस्वी यादव और मीसा भारती बाहर निकल रहे थे, जबकि तेजप्रताप यादव लिफ्ट के बाहर खड़े थे। तेजस्वी यादव ने तेजप्रताप को देखकर इशारा किया, लेकिन तेजप्रताप ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। दोनों भाइयों ने एक-दूसरे को तिरछी नजरों से देखा, मगर उनके बीच कोई बातचीत नहीं हुई।
यह दृश्य यादव परिवार के भीतर जारी राजनीतिक और पारिवारिक तनाव को साफ तौर पर दर्शाता है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दही-चूड़ा भोज के बहाने रिश्तों में कोई नई शुरुआत होगी या फिर यह दूरी यूं ही बनी रहेगी।