पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ रेप और संदिग्ध मौत के मामले ने पूरे बिहार की सियासत को गर्मा दिया है। एक तरफ सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहा है।
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस मामले में बयान देते हुए कहा है कि सरकार की ओर से पुलिस को पूरी छूट दी गई है। मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है, जो अपना काम कर रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो भी दोषी होगा, उसे खींचकर सभी के सामने लाया जाएगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
लेकिन सरकार के इस दावे के बीच कांग्रेस ने पटना में जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस प्रदर्शन में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और पार्टी के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ता गृह मंत्री के लिए चूड़ियां लेकर पहुंचीं, जो सरकार पर महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करने का प्रतीक माना जा रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला भी फूंका।
कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में इस मामले को दबाने की पूरी कोशिश की। जनता के दबाव के बाद ही FIR दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि SIT तो बना दी गई है, लेकिन सवाल यह है कि जांच सही और निष्पक्ष होगी या नहीं। सरकार क्राइम छिपाना चाहती है और FIR के आंकड़ों को दबाया जा रहा है। कांग्रेस की मांग है कि सरकार बिहार की जनता को सुरक्षा दे।
वहीं बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि पूरे बिहार का आंकड़ा देख लिया जाए, किसी भी थाने में पुलिस आसानी से अपराधियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं करती। उन्होंने आरोप लगाया कि मामला जब हाईलाइट हो गया, तब सिर्फ दबाने के लिए SIT बनाई गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर SIT ने दूध का दूध और पानी का पानी नहीं किया, तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लगातार सड़क पर उतरती रहेगी