कांग्रेस प्रत्याशी की हार के बाद महागठबंधन में हलचल, कांग्रेस-राजद आमने-सामने

कांग्रेस प्रत्याशी की हार के बाद महागठबंधन में हलचल, कांग्रेस-राजद आमने-सामने

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 19, 2026, 11:00:00 AM

झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद महागठबंधन के भीतर सियासी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी की जीत के बाद चुनावी नतीजों को लेकर सहयोगी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

कांग्रेस की ओर से ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के विशेष आमंत्रित सदस्य और झारखंड प्रभारी के. राजू ने चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रत्याशी की हार के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और सीपीआई (माले) को जिम्मेदार ठहराया। उनके इस बयान ने महागठबंधन के भीतर नया विवाद खड़ा कर दिया।

के. राजू के आरोपों पर राजद ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कांग्रेस प्रभारी की टिप्पणी को अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राजद का राजनीतिक इतिहास सांप्रदायिक और विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ लगातार संघर्ष का रहा है तथा पार्टी नेतृत्व ने हमेशा अपने सिद्धांतों को सर्वोपरि रखा है।

डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कभी भी अपने वैचारिक रुख से समझौता नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि कठिन परिस्थितियों और कानूनी चुनौतियों के बावजूद पार्टी ने अपने राजनीतिक सिद्धांतों से पीछे हटने का रास्ता नहीं चुना। ऐसे में राजद और सीपीआई (माले) पर गठबंधन से विश्वासघात का आरोप लगाना पूरी तरह निराधार है।

राजद प्रवक्ता ने यह भी कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी की ओर से राष्ट्रीय महासचिव भोला प्रसाद यादव, लालू प्रसाद यादव के प्रतिनिधि के रूप में चुनाव एजेंट बनकर विधानसभा में मौजूद थे। उनके अनुसार, राजद के सभी चार विधायकों ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए मतदान किया। इसलिए कांग्रेस प्रभारी द्वारा सार्वजनिक रूप से इस तरह के आरोप लगाना तथ्यों के विपरीत और गठबंधन की भावना के खिलाफ है।

राजद ने कांग्रेस नेतृत्व को सलाह दी कि चुनाव परिणामों पर सार्वजनिक बयानबाजी करने के बजाय पहले महागठबंधन की बैठक बुलाकर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जानी चाहिए। पार्टी का कहना है कि बिना तथ्यों की पड़ताल किए सहयोगी दलों पर आरोप लगाने से गठबंधन की एकजुटता प्रभावित होगी। राजद ने कांग्रेस नेताओं से भविष्य में संयम बरतने और इस तरह की टिप्पणियों से बचने की अपील भी की।