झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक और राजनीतिक तैयारियों को और मजबूत कर दिया है। पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि मतदान के दौरान किसी प्रकार की अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न न हो और सभी विधायक निर्धारित रणनीति के अनुरूप मतदान करें।
इसी उद्देश्य से प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व और विधायक दल के वरिष्ठ नेताओं को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव सहित कई प्रमुख नेताओं को पार्टी विधायकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, विधायकों की ओर से मिलने वाले सुझावों और उनकी जरूरतों को शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।
कांग्रेस को विश्वास है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के समर्थन के कारण उसके उम्मीदवार की स्थिति मजबूत है। इसके बावजूद पार्टी चुनावी प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही के पक्ष में नहीं दिख रही है। यही कारण है कि प्रत्येक विधायक के साथ व्यक्तिगत स्तर पर संपर्क बनाए रखने और राजनीतिक समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
इस बीच मुख्यमंत्री आवास पर लगातार दो दिनों तक आयोजित रात्रिभोज ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि इन बैठकों का उद्देश्य गठबंधन सहयोगियों के बीच तालमेल को और बेहतर बनाना तथा चुनाव से पहले एकजुटता का स्पष्ट संदेश देना है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अजय शर्मा, नासिर हुसैन और पार्टी के प्रदेश प्रभारी भी जल्द रांची पहुंच सकते हैं। उनके दौरे के दौरान मुख्यमंत्री और गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकें होने की संभावना है। इन बैठकों में राज्यसभा चुनाव की रणनीति, मतदान प्रबंधन और गठबंधन की राजनीतिक मजबूती जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है।
उधर, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव लगातार कांग्रेस विधायकों के संपर्क में बने हुए हैं। पार्टी का प्रयास है कि मतदान के समय सभी विधायक एकजुट रहें और पार्टी के आधिकारिक रुख का पालन करें। इसी वजह से राज्य और केंद्रीय स्तर का कांग्रेस नेतृत्व चुनावी तैयारियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर पहलू पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।