सीओ-कर्मियों की हड़ताल से 2 लाख मामले लंबित, लोग लगा रहे कार्यालयों के चक्कर

पटना जिले के 26 में से 22 अंचलों के सीओ हड़ताल पर हैं। करीब 150 राजस्व कर्मचारी पहले से ही हड़ताल पर हैं। इस वजह से पूरी व्यवस्था पटरी से उतर गई है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Mar 23, 2026, 1:22:00 PM

पटना जिले के 26 में से 22 अंचलों के सीओ हड़ताल पर हैं। करीब 150 राजस्व कर्मचारी पहले से ही हड़ताल पर हैं। इस वजह से पूरी व्यवस्था पटरी से उतर गई है। जमीन और मकान से संबंधित 2 लाख मामले लंबित हैं। लोग दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। लंबित मामलों में राजस्व अभियान के दौरान के 1.50 लाख और अंचल कार्यालयों में आने वाले 50 हजार सामान्य आवेदन शामिल हैं। सरकार ने कुछ जगहों पर अंचल कार्यालय की जिम्मेवारी बीडीओ को दी है, लेकिन वे राजस्व की बारीकियों को नहीं समझ पा रहे हैं। दाखिल-खारिज, परिमार्जन, नामांतरण जैसे महत्वपूर्ण काम सीओ और राजस्व कर्मचारियों के हड़ताल से लौटने के बाद ही हो सकेगा।

पटना समेत राज्य की सभी पंचायतों में राजस्व अभियान के दौरान 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक कैंप लगाए गए थे। जिला प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, सबसे अधिक दानापुर, बिहटा, धनरुआ, बाढ़ सहित अन्य ग्रामीण अंचलों में लोगों ने आवेदन दिए थे। ये आवेदन जमीन के दस्तावेज में नाम सुधार, बंटवारा, दाखिल खारिज, रकबा में सुधार आदि के हैं। इन आवेदनों को पोर्टल पर ऑनलाइन किया गया है। 31 मार्च तक सुधारने का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन, हड़ताल की वजह से करीब 1.50 आवेदन पेंडिंग हैं।

प्रत्येक शनिवार को थानों में अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष द्वारा जमीन विवाद से संबंधित मामलों को निपटने के लिए शिविर लगाया जाता था। वह अभी पूरी तरह से बंद हो गया है। इस दौरान पहले आने वाले आवेदनों का भी निपटारा भी लंबित है।

पटना जिले समेत राज्य में फ्लैट की रजिस्ट्री हो रही है, लेकिन दाखिल-खारिज नहीं हो रहा है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अप्रैल 2025 से अपार्टमेंट की भूमि और फ्लैटधारकों के नाम पर जमीन के दाखिल-खारिज पर रोक लगा रखी है। लेकिन, जानकारी के अभाव में लोग अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं