बिहार में हरे गमछे पर सियासत तेज हो गई है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक कार्यक्रम में हरे गमछे वालों को हड़काया है। सीएम ने हरा गमछा रखने वालों का उदाहरण देते हुए कहा कि एआई से एक बार कह दिया जाए तो तुरंत सभी हरा गमछा वालों को पकड़ लेगा। हालांकि, सीएम ने सफाई भी दी कि किसी खास व्यक्ति या व्यक्तियों की ओर मेरा इशारा नहीं है। राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता और नेता हरे गमछा का इस्तेमाल करते हैं। अब इस मामले पर CPI(ML) ने आपत्ति जताई है। CPI(ML) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने का बड़ा बयान सामने आया है।
सीएम सम्राट के हरे गमछे वाले बयान पर CPI(ML) ने आपत्ति जताई है। CPI(ML) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने सरकार पर निशाना साधा है। दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा है कि आज हरा गमछा पर टिप्पणी, कल लाल और नीले गमछे पर भी सवाल उठेंगे। उन्होंने भाजपा पर पहचान और प्रतीकों की राजनीति करने का आरोप लगाया है। CPI(ML) महासचिव ने कहा कि जहां भाजपा की सरकार है, वहां सामंती विचारधारा हावी हो गई है। साथ ही दीपांकर भट्टाचार्य ने लोकतांत्रिक अधिकारों और विविधता के सम्मान की मांग की है। सीएम इस बयान को लेकर बिहार की राजनीति का सियासी तापमान बढ़ गया है।
दरअसल बिहार AI समिट-2026 के दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने हरे गमछे वालों को हड़काया है। सम्राट चौधरी ने इशारों ही इशारों में राजद के हरे गमछे वाले कार्यकर्ताओं-नेताओं को सख्त चेतावनी दी है। पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित बिहार AI समिट-2026 के दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अगर एआई जेनरेटेड कोई कैमरा होता है, मान लीजिए पटना में लगभग 4000 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। एक बार एआई कैमरे को कहना है कि हरे गमछे वाले को पकड़ना है, एक बार खाली कह दीजिए की हरे गमछा वाले को खोजिए। कितना जल्दी पकड़ा जाएगा, पकड़ा जाएगा कि नहीं पकड़ा जाएगा?
सीएम ने कहा कि मैं किसी की तरफ इशारा नहीं कर रहा। मेरे लिए अपराधी की जात नहीं है। पुलिस वालों को खुली छूट है। नीतीश जी ने सुशासन स्थापित किया है, स्पीड ट्रायल चलाकर कानून का राज स्थापित किया। यदि अपराधी पुलिस को चैलेंज करता हो तो उसे 48 घंटे में जवाब देना है। अपराधी किसी जात का हो, किसी धर्म का हो, उस पर पुलिस कार्रवाई करेगी।