मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को तकनीकी और डिजिटल ताकत बनाने की दिशा में बड़ा कदम कदम उठाया है। बिहार में पहली बार AI समिट का आयोजन किया गया है। बिहार को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक कार्यों में एआई के उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राजधानी पटना में आयोजित AI समिट में सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि अब बिहार को सिर्फ बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं रहना, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए प्रशासन, शिक्षा और विकास के नए युग में प्रवेश करना है। सीएम ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी (बेसिक) जरूरतों को पूरा कर दिया है और अब बिहार को डिजिटल युग में छलांग लगानी है।
राजधानी पटना में आयोजित भव्य ‘AI समिट’ का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लोग अक्सर कहते हैं कि बिहार विकास की दौड़ में पीछे छूट गया है, लेकिन इसी धारणा को बदलने और मंथन करने के लिए इस एआई समिट का आयोजन किया गया है। तकनीक के व्यावहारिक फायदों का उदाहरण देते हुए सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार सरकार ने हाल ही में भवन निर्माण विभाग के टेंडर में एआई (AI) तकनीक का प्रयोग करके देखा है। इसके परिणामस्वरूप टेंडर आवंटन में पारदर्शिता आई है और सरकारी राजस्व की काफी बचत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिहार के नेताओं और अधिकारियों को अनिवार्य रूप से एआई सीखना होगा। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि आने वाले समय में बिहार में गणित, फिजिक्स और केमिस्ट्री की समर्पित यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरकारी कामकाज में सुस्ती बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने मंच से घोषणा की कि जिन अधिकारियों ने जनता से जुड़े कार्यों का निपटारा 30 दिनों के भीतर नहीं किया, उन पर 31वें दिन सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि हमें पूरी तरह से ‘टेक सेवी’ बनना होगा ताकि आधुनिक तकनीक का सीधा लाभ बिहार की जनता को मिल सके। सीएम ने कहा कि प्रवासी बिहारियों से अपील की कि वे अपनी कर्मभूमि से अपनी जन्मभूमि (बिहार) की प्रगति के लिए आगे आएं।
वहीं, आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि हर विभाग में एआई का उपयोग हो ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिले। उन्होंने देश-विदेश के टेक एक्सपर्ट्स को बिहार में निवेश का आमंत्रण दिया। जबकि, आईटी सचिव अभय सिंह ने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में बिहार में और भी बड़े टेक इवेंट्स होंगे, जो अब तक केवल देश के बड़े मेट्रो शहरों तक सीमित थे।