लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का नया लुक तेजी से वायरल हो रहा है। सिर पर केसरिया रंग की पगड़ी और गले में नारंगी कलर की चुनरी के साथ चिराग का सरदार लुक चर्चा में है। सोशल मीडिया पर भी चिराग पासवान के नए लुक की खूब चर्चा हो रही है। चिराग पासवान ने अपने परिवार के साथ महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित सिख धर्म के पवित्र स्थल 'तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब' में मत्था टेका। इस दौरान चिराग पासवान पूरी तरह सिख संस्कृति के रंग रंगते नजर आए।
दरअसल केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान परिवार के साथ महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित ऐतिहासिक और पवित्र तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब गुरुद्वारे पहुंचे। इस दौरान चिराग पासवान केसरिया पगड़ी और नारंगी चुनरी पहने पारंपरिक सरदार लुक में नजर आए। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष अरदास की और लंगर सेवा भी की। गुरुद्वारे में नतमस्तक होने के बाद उन्होंने न केवल लंगर का महाप्रसाद ग्रहण किया, बल्कि एक आम श्रद्धालु की तरह वहां बर्तन साफ कर सेवा भी की।
चिराग पासवान ने इस पल को सोशल मीडिया पर फोटो के साथ शेयर किया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है-सपरिवार पवित्र तख्त श्री हजूर साहिब, नांदेड़ में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का आशीर्वाद प्राप्त करने के पश्चात लंगर का महाप्रसाद ग्रहण किया और सेवा का सौभाग्य मिला। पवित्र तख्त श्री हजूर साहिब, नांदेड़ में नतमस्तक होकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चरणों से पवित्र हुई इस पावन धरा पर आकर मन को असीम शांति और दिव्य ऊर्जा की अनुभूति होती है।
चिराग पासवान अकेले नहीं, बल्कि अपने पूरे परिवार के साथ यहां पहुंचे थे। गुरुद्वारे में उन्होंने लंगर के जूठे बर्तन साफ करके सेवा का सौभाग्य पाया। चिराग पासवान के साथ उनकी मां समेत परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे। गुरुद्वारे में मत्था टेकने के बाद चिराग पासवान ने सोशल मीडिया एक्स पर अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा-दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चरणों से पवित्र हुई इस पावन धरा पर आकर उनके मन को असीम शांति मिली है। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब जी का आशीर्वाद लिया और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
बता दें कि महाराष्ट्र के गोदावरी नदी के तट पर स्थित नांदेड़ का तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब का सिख इतिहास में एक बेहद पवित्र और सर्वोच्च स्थान रखता है। जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। नांदेड़ का यह वही पवित्र स्थल है जहां सिखों के दसवें गुरु, श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने अपने जीवन के अंतिम दिन बिताए थे।