मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 1 अणे मार्ग से 34 मोबाइल फोरेंसिक गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये गाड़ी अपराध की जांच और सबूत जुटाने में पुलिस की मदद करेगी। इन्हें रवाना करने से पहले मुख्यमंत्री ने सभी गाड़ी का निरीक्षण किया और उनमें मौजूद सुविधाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2005 के बाद से राज्य में कानून-व्यवस्था को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। अपराध और भ्रष्टाचार पर सख्ती बरती गई है। अब इन मोबाइल फोरेंसिक गाड़ी के शुरू होने से अपराध की जांच और तेज होगी।
उन्होंने बताया कि पहले किसी अपराध के बाद सबूतों को फोरेंसिक लैब भेजने में काफी समय लग जाता था। इससे जांच में देरी होती थी और पीड़ित परिवार परेशान होते थे। लेकिन अब फोरेंसिक टीम सीधे घटना स्थल पर पहुंचकर वहीं जांच शुरू कर देगी। इससे समय बचेगा और दोषियों को जल्द सजा दिलाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी 34 गाड़ी आधुनिक जांच उपकरणों से लैस हैं। इससे हत्या, चोरी, डकैती जैसे गंभीर मामलों में साक्ष्य जुटाना आसान होगा। यह कदम पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
इसी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी मैदान में लगे बिहार सरस मेला-2025 का भी भ्रमण किया। अधिकारियों ने बताया कि यह मेला 12 दिसंबर से 28 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है।